Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

SIM को दूसरे नेटवर्क में पोर्ट करना है? जानिए TRAI के नियम, UPC कोड और पूरा MNP प्रोसेस

अगर आप अपने मौजूदा टेलीकॉम ऑपरेटर की सर्विस या प्लान से संतुष्ट नहीं हैं, तो मोबाइल नंबर बदले बिना दूसरे नेटवर्क पर जाने के लिए Mobile Number Portability यानी MNP का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होती हैं।

सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि आपका मोबाइल नंबर मौजूदा नेटवर्क पर कम से कम 90 दिन से एक्टिव हो। अगर आपका कनेक्शन पोस्टपेड है, तो मौजूदा ऑपरेटर के सभी बकाया बिल क्लियर होने चाहिए। इसके अलावा नंबर के मालिकाना हक में बदलाव की कोई प्रक्रिया चल रही नहीं होनी चाहिए और नंबर किसी कानूनी विवाद में नहीं होना चाहिए।

अगर आपने हाल ही में SIM को स्वैप या रिप्लेस कराया है, तो उसके बाद कम से कम 7 दिन बीतना जरूरी है। इसके अलावा आपके मौजूदा कनेक्शन पर कोई ऐसी कॉन्ट्रैक्चुअल जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए, जिसे पूरा करना अभी बाकी हो।

अब बात करते हैं नंबर पोर्ट करने के सबसे जरूरी स्टेप की। सबसे पहले आपको Unique Porting Code यानी UPC हासिल करना होगा। इसके लिए जिस नंबर को पोर्ट करना है, उसी नंबर से SMS ऐप खोलें और मैसेज में लिखें PORT, फिर एक स्पेस और उसके बाद अपना 10 अंकों का मोबाइल नंबर। इसे 1900 पर भेज दें।

उदाहरण के लिए मैसेज इस तरह होगा— PORT 98XXXXXXXX। SMS भेजने के बाद आपको 1901 से मैसेज के जरिए UPC प्राप्त होगा। यही कोड नए ऑपरेटर के पास पोर्टिंग रिक्वेस्ट के दौरान देना होता है।

इसके बाद जिस कंपनी के नेटवर्क पर आप अपना नंबर पोर्ट करना चाहते हैं, उसके स्टोर या अधिकृत Point of Sale पर जाएं। वहां Customer Acquisition Form यानी CAF और Porting Form भरना होगा। इसमें आपको अपना वैध UPC देना होगा और जरूरी KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद आपको नया SIM दिया जाएगा और पोर्टिंग रिक्वेस्ट सबमिट होने का मैसेज भी प्राप्त होगा।

यहां एक जरूरी बात ध्यान रखें। UPC हमेशा लंबे समय तक वैध नहीं रहता। सामान्य क्षेत्रों में UPC की वैधता 4 दिन होती है, जबकि जम्मू-कश्मीर, असम और नॉर्थ ईस्ट लाइसेंस्ड सर्विस एरिया में इसकी वैधता 30 दिन तक रहती है। इसलिए UPC मिलने के बाद समय सीमा के अंदर ही पोर्टिंग प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।

अब सवाल आता है कि SIM कितने समय में पोर्ट होगा। अगर पोर्टिंग उसी सर्विस एरिया के भीतर हो रही है, तो सामान्य तौर पर इसमें 3 working days तक लग सकते हैं। अगर एक सर्विस एरिया से दूसरे सर्विस एरिया में नंबर पोर्ट किया जा रहा है, तो इसमें 5 working days तक लग सकते हैं। जम्मू-कश्मीर, असम और नॉर्थ ईस्ट के मामलों में प्रक्रिया में 15 working days तक लग सकते हैं।

पोर्टिंग की तारीख और समय आपको SMS के जरिए बताया जाएगा। आम तौर पर पोर्टिंग रात के समय की जाती है और इस दौरान कुछ समय के लिए मोबाइल सेवा बाधित हो सकती है। जब पोर्टिंग पूरी हो जाए, तो नए ऑपरेटर का SIM अपने फोन में लगाएं। जरूरी वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद आपका वही पुराना मोबाइल नंबर नए नेटवर्क पर एक्टिव हो जाएगा।

अगर पोर्टिंग रिक्वेस्ट देने के बाद आपका मन बदल जाता है, तो रिक्वेस्ट वापस लेने का विकल्प भी होता है। इसके लिए तय समय सीमा के भीतर उसी नंबर से CANCEL के बाद स्पेस और अपना 10 अंकों का मोबाइल नंबर लिखकर 1900 पर SMS भेजा जा सकता है।

एक और बात याद रखें कि प्रीपेड नंबर पोर्ट होने पर पुराने ऑपरेटर का बचा हुआ प्रीपेड बैलेंस खत्म हो जाता है। इसलिए पोर्ट करने से पहले अगर आपके नंबर पर कोई अनयूज्ड बैलेंस है, तो इसे ध्यान में रखना जरूरी है।

यानी पूरी प्रक्रिया काफी आसान है—पहले पात्रता जांचें, फिर 1900 पर PORT SMS भेजकर UPC लें, नए ऑपरेटर के स्टोर पर KYC और पोर्टिंग फॉर्म पूरा करें, नया SIM प्राप्त करें और पोर्टिंग की तारीख का इंतजार करें। पोर्टिंग पूरी होने के बाद नया SIM लगाने पर आपका पुराना मोबाइल नंबर नए नेटवर्क पर चलने लगेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles