नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को स्थानांतरित करने की योजना को लेकर केंद्र सरकार ने फिलहाल बड़ा फैसला लिया है। नागर विमानन मंत्रालय ने अदाणी एयरपोर्ट्स से कहा है कि मुंबई से नवी मुंबई एयरपोर्ट पर कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शिफ्टिंग का फैसला कुछ हफ्तों के लिए टाल दिया जाए। सरकार ने एयरलाइंस और एयरपोर्ट ऑपरेटर से यात्रियों की सुविधा और उड़ानों के सुचारु संचालन को ध्यान में रखते हुए एक ठोस योजना तैयार करने को कहा है।
दरअसल, मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 के प्रस्तावित नवीनीकरण को देखते हुए अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन में बदलाव का प्रस्ताव रखा था। कंपनी ने एयरलाइंस से 25 अक्टूबर तक मुंबई एयरपोर्ट से संचालित अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में करीब 33 प्रतिशत की कटौती करने या कुछ उड़ानों को बंद करने के लिए कहा था। हालांकि, एयरलाइंस ने इस प्रस्ताव को लेकर अपनी परिचालन संबंधी चिंताएं सामने रखी थीं।
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड मुंबई और नवी मुंबई दोनों एयरपोर्ट का संचालन करती है। टर्मिनल-1 के नवीनीकरण के दौरान उड़ानों के संचालन पर पड़ने वाले दबाव को कम करने के लिए कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई एयरपोर्ट पर स्थानांतरित करने की योजना बनाई गई थी। लेकिन एयरलाइंस की चिंताओं के बाद अब सरकार ने इस बदलाव को जल्दबाजी में लागू करने के बजाय सभी पक्षों के साथ विस्तृत योजना तैयार करने पर जोर दिया है।
मंगलवार को नागर विमानन सचिव समीर कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में नई दिल्ली में इस मुद्दे पर अहम बैठक हुई। इसमें एयरलाइंस, अदाणी एयरपोर्ट्स, फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस, इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के प्रतिनिधि शामिल हुए। करीब 90 मिनट तक चली बैठक में प्रस्तावित शिफ्टिंग, यात्रियों की सुविधा और एयरपोर्ट के संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सरकार ने एयरलाइंस और एयरपोर्ट ऑपरेटर से नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानों के स्थानांतरण को लेकर विस्तृत और व्यावहारिक योजना तैयार करने को कहा है। इस योजना में उड़ानों के संचालन के साथ-साथ यात्रियों की आवाजाही, कनेक्टिविटी और अन्य परिचालन जरूरतों को भी ध्यान में रखने की बात कही गई है।
अदाणी एयरपोर्ट्स की ओर से बैठक में नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की तैयारियों का खाका भी प्रस्तुत किया गया। कंपनी ने बताया कि नया एयरपोर्ट सालाना करीब 50 लाख अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को संभालने की क्षमता के साथ तैयार किया जा रहा है। एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय संचालन बढ़ाने की संभावनाओं को देखते हुए एयरलाइंस की ओर से उठाई गई परिचालन संबंधी चिंताओं पर भी चर्चा की गई।
बैठक के दौरान अदाणी एयरपोर्ट्स के अधिकारियों ने एयरलाइंस के प्रतिनिधियों के सवालों और चिंताओं का जवाब देने की कोशिश की। चर्चा में प्रस्तावित उड़ान बदलाव के साथ-साथ मुंबई एयरपोर्ट के पुनर्विकास और टर्मिनल-1 के नवीनीकरण से जुड़े मुद्दे भी सामने आए। सूत्रों के अनुसार, बैठक का माहौल रचनात्मक रहा और सभी पक्षों ने यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ने पर सहमति जताई।
अब इस पूरी योजना को अंतिम रूप देने से पहले दो और अहम बैठकें प्रस्तावित हैं। एयरलाइंस और अदाणी एयरपोर्ट्स के बीच 13 अक्टूबर को बदलाव की योजना पर चर्चा होगी, जबकि 20 अक्टूबर को होने वाली बैठक में अंतिम रूपरेखा तय करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।
फिलहाल सरकार का रुख यही है कि मुंबई एयरपोर्ट से नवी मुंबई एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शिफ्टिंग जल्दबाजी में न की जाए। पहले सभी हितधारकों के बीच समन्वय बनाकर ऐसी योजना तैयार की जाए, जिससे मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 के नवीनीकरण का काम भी प्रभावित न हो और यात्रियों को भी किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
अगर योजना को अंतिम मंजूरी मिलती है तो आने वाले समय में मुंबई और नवी मुंबई दोनों एयरपोर्ट की भूमिका महाराष्ट्र के हवाई यातायात में और महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की वास्तविक शिफ्टिंग कितनी होगी और कौन-कौन सी उड़ानें नवी मुंबई जाएंगी, इसका अंतिम फैसला आगामी बैठकों में तय होने की उम्मीद है।


