अगर आप हफ्ते के पांच दिन सुबह से शाम तक कुर्सी पर बैठकर लैपटॉप पर काम करते हैं और शनिवार-रविवार को अचानक फिटनेस के लिए भारी कसरत या खेलकूद शुरू कर देते हैं, तो सावधान रहने की जरूरत है। पूरे सप्ताह शरीर की गतिविधियां सीमित रहने के बाद वीकेंड पर अचानक ज्यादा जोर लगाने से कंधों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। शुरुआत में यह परेशानी सामान्य लग सकती है, लेकिन धीरे-धीरे कंधों में दर्द, जकड़न और हाथ उठाने में परेशानी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, समस्या हमेशा उसी दिन शुरू नहीं होती जिस दिन दर्द महसूस होता है। लंबे समय तक शारीरिक गतिविधि कम रहने के बाद अचानक भारी व्यायाम करने से मांसपेशियों और कंधे के आसपास के हिस्सों पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ सकता है। खासकर उन लोगों में यह जोखिम बढ़ सकता है जो पूरे सप्ताह लगभग एक ही मुद्रा में बैठकर काम करते हैं और शरीर को नियमित रूप से सक्रिय रखने पर ध्यान नहीं देते।
पूरे हफ्ते बैठे रहने के बाद अगर कोई व्यक्ति अचानक एक घंटे तक बैडमिंटन या टेनिस खेलने लगे, भारी वजन उठाए या ऐसे व्यायाम करे जिनमें हाथों को बार-बार सिर के ऊपर ले जाना पड़ता है, तो कंधे पर अचानक ज्यादा भार पड़ सकता है। इन गतिविधियों में कंधे का लगातार इस्तेमाल होता है और शरीर को पहले से इसकी आदत न होने पर दर्द या जकड़न की समस्या हो सकती है।
बैडमिंटन और टेनिस जैसे खेलों में हाथ को बार-बार ऊपर उठाकर शॉट लगाने पड़ते हैं। इसी तरह जिम में कुछ एक्सरसाइज के दौरान भी हाथों और कंधों पर काफी दबाव पड़ता है। अगर पूरे सप्ताह कंधों और शरीर की पर्याप्त गतिविधि नहीं हुई है तो वीकेंड पर अचानक ऐसी एक्सरसाइज करने से शरीर को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है।
कई लोग वर्कआउट के बाद होने वाले कंधे के दर्द को सामान्य मांसपेशियों का दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हल्की थकान या सामान्य मांसपेशियों में दर्द कुछ समय में ठीक हो सकता है, लेकिन अगर कंधे में लगातार दर्द बना रहे, जकड़न बढ़ती जाए या हाथ ऊपर उठाने में परेशानी होने लगे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
इस समस्या से बचने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि शारीरिक गतिविधि को सिर्फ वीकेंड तक सीमित न रखें। ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों को बीच-बीच में उठकर थोड़ी देर चलना चाहिए। काम के दौरान बैठने की मुद्रा पर ध्यान देना और कंधों को लंबे समय तक एक ही स्थिति में रखने से बचना भी जरूरी है।
अगर आप वीकेंड पर व्यायाम या खेलकूद शुरू कर रहे हैं तो शुरुआत हल्की गतिविधियों से करें। सीधे भारी वजन उठाने या लंबे समय तक खेलने के बजाय शरीर को धीरे-धीरे तैयार करें। वर्कआउट से पहले पर्याप्त वार्मअप करें और अपनी क्षमता के अनुसार ही एक्सरसाइज की तीव्रता बढ़ाएं। अचानक बहुत ज्यादा वजन उठाने या लंबे समय तक ऐसे खेल खेलने से बचें जिनमें कंधों का लगातार इस्तेमाल होता है।
इसके अलावा पूरे सप्ताह हल्की-फुल्की शारीरिक गतिविधि बनाए रखना भी मददगार हो सकता है। रोज कुछ समय पैदल चलना, हल्की स्ट्रेचिंग करना और लंबे समय तक एक ही जगह बैठने से बचना शरीर को सक्रिय रखने में मदद करता है। इससे वीकेंड पर की जाने वाली शारीरिक गतिविधि शरीर के लिए अचानक बड़ा बदलाव नहीं बनेगी।
अगर कंधे में तेज या लगातार दर्द हो, हाथ उठाने में काफी परेशानी हो, सूजन दिखाई दे या आराम करने के बाद भी दर्द कम न हो तो विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। दर्द के बावजूद लगातार कसरत करते रहना समस्या को बढ़ा सकता है।
फिट रहने के लिए वीकेंड पर एक्सरसाइज करना अच्छी आदत हो सकती है, लेकिन पूरे सप्ताह निष्क्रिय रहकर अचानक शरीर पर ज्यादा दबाव डालना सही तरीका नहीं है। नियमित हल्की गतिविधि, सही वार्मअप और धीरे-धीरे बढ़ाया गया वर्कआउट कंधों समेत पूरे शरीर को सुरक्षित तरीके से सक्रिय रखने में मदद कर सकता है।

