बुधवार को टाइटन कंपनी के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान तेज गिरावट देखने को मिली। सितंबर तिमाही में कंपनी के आभूषण कारोबार की ग्रोथ कुछ बाजार अनुमानों से कम रहने के बाद शेयर करीब 4.4 प्रतिशत तक टूट गए। शुरुआती कारोबार में टाइटन के शेयर गिरकर करीब 4,350 रुपये के स्तर पर आ गए और यह निफ्टी 50 के प्रमुख गिरने वाले शेयरों में शामिल रहा। हालांकि, कंपनी के दूसरे कारोबारों में मजबूत प्रदर्शन और आगे की संभावनाओं को देखते हुए प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों ने टाइटन पर अपनी सकारात्मक राय बरकरार रखी है।
मौजूदा जानकारी के मुताबिक, सितंबर तिमाही में टाइटन के घरेलू आभूषण कारोबार में सालाना आधार पर करीब 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह वृद्धि सीएलएसए के 19.3 प्रतिशत के बाजार अनुमान से बेहतर रही, लेकिन जेपी मॉर्गन के करीब 25 प्रतिशत के अनुमान से कम रही। इसी वजह से निवेशकों की उम्मीदों पर असर पड़ा और शेयर में शुरुआती दबाव देखने को मिला।
जेपी मॉर्गन के मुताबिक जुलाई और अगस्त के दौरान आभूषणों की मांग काफी मजबूत रही थी और ग्रोथ 25 प्रतिशत से ज्यादा रही। हालांकि, सितंबर में मांग की रफ्तार कुछ धीमी पड़ गई। इसके पीछे त्योहारों से जुड़ी खरीदारी का कुछ हिस्सा अगली तिमाही में जाने को एक कारण माना गया है। इसके अलावा सोने के सिक्कों की बिक्री में कमजोरी और खरीदारों की संख्या में अपेक्षाकृत धीमी वृद्धि का भी असर तिमाही के प्रदर्शन पर पड़ा।
इसके बावजूद ब्रोकरेज फर्मों का टाइटन को लेकर रुख पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है। सीएलएसए ने कंपनी के शेयर पर खरीदारी की राय बरकरार रखते हुए 5,590 रुपये का लक्ष्य मूल्य दिया है। वहीं, जेपी मॉर्गन ने भी अपनी सकारात्मक राय कायम रखते हुए 5,540 रुपये का लक्ष्य रखा है। जेपी मॉर्गन का कहना है कि तिमाही में बिक्री बाजार की उम्मीदों के मुकाबले कम रहने के कारण शेयर पर शुरुआती दबाव आना स्वाभाविक था।
एचएसबीसी ने भी टाइटन पर खरीदारी की राय बरकरार रखी है और शेयर के लिए 5,510 रुपये का लक्ष्य मूल्य दिया है। हालांकि, ब्रोकरेज ने तिमाही बिक्री उम्मीद से कम रहने के बाद आभूषण कारोबार से होने वाली आय के अनुमान में करीब एक प्रतिशत की कटौती की है। इससे संकेत मिलता है कि तिमाही के आंकड़ों में कुछ कमजोरियां जरूर रही हैं, लेकिन ब्रोकरेज को कंपनी की लंबी अवधि की संभावनाओं पर अभी भी भरोसा है।
कंपनी के आभूषण कारोबार के भीतर भी तस्वीर पूरी तरह कमजोर नहीं रही। जड़े हुए आभूषणों की बिक्री में शुरुआती 30 प्रतिशत के स्तर की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि साधारण आभूषणों की बिक्री करीब 20 प्रतिशत बढ़ी। खरीदारों की संख्या में भी एकल अंक के मध्य स्तर की वृद्धि हुई और प्रति खरीद औसत खर्च में दो अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
टाइटन के अलग-अलग ब्रांड और कारोबार भी अच्छा प्रदर्शन करते नजर आए। तनिष्क, मिया और जोया कारोबार ने मिलकर करीब 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। कैरेटलेन में 32 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि रही। इसी तरह कंपनी के घड़ी कारोबार की ग्रोथ बढ़कर करीब 30 प्रतिशत और आईकेयर कारोबार की वृद्धि करीब 28 प्रतिशत रही। अंतरराष्ट्रीय कारोबार में करीब 97 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई, जबकि घरेलू कुल आय में लगभग 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
कंपनी ने मंगलवार शाम जारी कारोबारी अपडेट में यह भी बताया था कि पिछले साल 67 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल किए गए दामास कारोबार में सुधार के शुरुआती संकेत दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में आने वाली तिमाहियों में त्योहारी मांग, जड़े हुए आभूषणों की बिक्री, प्रति ग्राहक खर्च और कंपनी के अलग-अलग कारोबारों की ग्रोथ टाइटन के प्रदर्शन के लिए अहम रहने वाली है। फिलहाल सितंबर तिमाही के बाद शेयर में गिरावट जरूर आई है, लेकिन प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी पर अपनी सकारात्मक राय बरकरार रखी है।


