मुंबई के आईआईटी बॉम्बे कैंपस से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। पवई स्थित संस्थान के परिसर में एक निर्माणाधीन स्थल के मजदूर शिविर में गैस सिलेंडर से रिसाव होने के बाद अचानक आग भड़क उठी। इस हादसे में दो मासूम बच्चों समेत पांच लोग झुलस गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। आखिर रात के समय ऐसा क्या हुआ कि गैस रिसाव ने अचानक आग का रूप ले लिया?
जानकारी के मुताबिक, यह घटना गुरुवार रात करीब 10 बजकर 30 मिनट की है। आईआईटी बॉम्बे परिसर के भीतर एक निर्माणाधीन स्थल पर बने मजदूर शिविर में कई मजदूर अपने दिनभर के काम के बाद मौजूद थे। इसी दौरान वहां रखे एक गैस सिलेंडर की पाइप से गैस का रिसाव होने लगा। देखते ही देखते स्थिति गंभीर हो गई और अचानक आग भड़क उठी।
बताया जा रहा है कि घटना के समय दो बच्चे वहां खेल रहे थे। गैस सिलेंडर से रिसाव होता देखकर वे उसके करीब चले गए। इससे पहले कि वे स्थिति की गंभीरता समझ पाते, सिलेंडर के पास आग भड़क उठी और उसकी लपटों की चपेट में बच्चे आ गए। बच्चों को बचाने के लिए दौड़े कुछ मजदूर भी आग की चपेट में आकर झुलस गए।
आग लगने के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को बचाने की कोशिश की। मजदूरों और सुरक्षाकर्मियों की मदद से सभी पांच घायलों को तत्काल घाटकोपर स्थित राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया।
अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चार घायलों की स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए कस्तूरबा अस्पताल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, घायलों की वर्तमान स्थिति और उनकी चोटों की गंभीरता को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य के साथ आग पर काबू पाने के प्रयास किए गए। इसके बाद हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि गैस सिलेंडर की पाइप से रिसाव कैसे हुआ और आग किन परिस्थितियों में भड़की।
निर्माणाधीन स्थलों पर मजदूरों के लिए बनाए गए अस्थायी शिविरों में गैस सिलेंडर और अन्य उपकरणों का सुरक्षित इस्तेमाल बेहद जरूरी होता है। ऐसे स्थानों पर सुरक्षा नियमों का पालन नहीं होने से गंभीर हादसों का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, इस मामले में सुरक्षा संबंधी किसी चूक की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल, मुंबई के आईआईटी बॉम्बे परिसर में हुए इस हादसे ने मजदूर शिविरों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। दो बच्चों समेत पांच लोगों का झुलसना बेहद चिंताजनक है। अब सभी की नजर घायलों के स्वास्थ्य और पुलिस की जांच पर टिकी है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इस हादसे के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इसके लिए किसी की लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं।


