नोएडा के सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी परियोजना को लेकर एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। नोएडा प्राधिकरण ने परियोजना के संशोधित मास्टर प्लान को औपचारिक मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही बकाया राशि का पूरा भुगतान करने वाली चार विकास परियोजनाओं को सशर्त उपयोग प्रमाणपत्र यानी ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं। इस फैसले से लंबे समय से निर्माण कार्य की प्रगति का इंतजार कर रहे हजारों घर खरीदारों को राहत मिलने की उम्मीद है। अब सवाल यह है कि संशोधित योजना से परियोजना के विकास को कितनी गति मिलेगी और घर खरीदारों को इसका लाभ कब तक मिल पाएगा?
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, संशोधित मास्टर प्लान में स्पोर्ट्स सिटी के कुल क्षेत्रफल का 70 प्रतिशत हिस्सा खेल सुविधाओं, मनोरंजन, संस्थागत उपयोग और खुले स्थानों के लिए निर्धारित किया गया है। वहीं, 29.5 प्रतिशत क्षेत्र आवासीय निर्माण के लिए और 0.5 प्रतिशत क्षेत्र व्यावसायिक गतिविधियों के लिए रखा गया है। इस योजना का उद्देश्य खेल सुविधाओं के विकास के साथ आवासीय परियोजनाओं के निर्माण को भी आगे बढ़ाना है।
अधिकारियों के अनुसार, प्राधिकरण के निदेशक मंडल की इस वर्ष 3 जनवरी और 6 अप्रैल को हुई बैठकों के बाद संशोधित मास्टर प्लान को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद 6 मई को इसकी औपचारिक स्वीकृति जारी की गई। योजना में बदलाव के बाद परियोजना से जुड़े विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ करने की कोशिश की गई है।
इस परियोजना से करीब 8,000 घर खरीदार जुड़े हुए हैं, जो लंबे समय से अपने घरों के निर्माण और परियोजना की प्रगति का इंतजार कर रहे हैं। स्पोर्ट्स सिटी परियोजना में जमीन आवंटन से जुड़ी कथित अनियमितताओं और अनिवार्य खेल सुविधाओं के विकास में देरी को लेकर पहले भी जांच होती रही है। ऐसे में संशोधित मास्टर प्लान की मंजूरी को परियोजना के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्राधिकरण के मुताबिक, संशोधित मास्टर प्लान को मंजूरी मिलने के दो महीने के भीतर डेवलपर, उसकी अनुषंगी कंपनियों और गठजोड़ के सदस्यों ने कुल बकाया राशि का 20 प्रतिशत जमा किया था। शेष बकाया राशि की सुरक्षा के लिए प्राधिकरण ने 20 प्रतिशत इकाइयों पर अपना पहला प्रभार और अधिकार सुरक्षित रखा है। इसके बाद बकाया राशि का पूरा भुगतान करने वाली चार परियोजनाओं को सशर्त उपयोग प्रमाणपत्र जारी किए गए।
इन चार परियोजनाओं में ब्रिक राइज डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की एससी-02/एच एवं आई परियोजना, ऐस इन्फ्रासिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की एससी-02/एफ परियोजना, लैंड कार्ट बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड की एससी-02/ए-1 परियोजना और समृद्धि इन्फ्रा स्क्वायर प्राइवेट लिमिटेड की एससी-02/डी परियोजना शामिल हैं।
उपयोग प्रमाणपत्र जारी होना संबंधित परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, इसे सभी घर खरीदारों को तत्काल कब्जा मिलने की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए। संबंधित परियोजना की स्थिति, प्रमाणपत्र की शर्तें और अन्य आवश्यक अनुमतियां यह तय करेंगी कि आगे निर्माण और आवास संबंधी प्रक्रियाएं किस तरह पूरी होंगी।
अधिकारी ने यह भी बताया कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट से संबंधित प्राधिकरण के रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच के बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा की लोक लेखा समिति ने 29 अगस्त 2024 की बैठक में स्पोर्ट्स सिटी से जुड़ी कैग की सभी टिप्पणियों का निस्तारण कर दिया था।
प्राधिकरण का कहना है कि समाधान योजना का उद्देश्य स्पोर्ट्स सिटी का विकास आगे बढ़ाना और इसमें निवेश करने वाले हजारों घर खरीदारों के हितों की रक्षा करना है। अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि संशोधित योजना के तहत निर्माण कार्य कितनी तेजी से आगे बढ़ता है और घर खरीदारों को अपने घरों के संबंध में स्पष्ट समयसीमा कब मिलती है।


