भारतीय बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु ने एक बार फिर अपने शानदार खेल से देश का गौरव बढ़ाया है। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधु ने फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल में कड़े मुकाबले के बाद जीत दर्ज करते हुए फाइनल का टिकट हासिल कर लिया है। अब खिताबी मुकाबले में उनका सामना दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी और वर्ल्ड चैंपियन एन से यंग से होगा। ऐसे में सभी की नजरें इस बड़े मुकाबले पर टिकी हैं, जहां सिंधु के सामने एक मजबूत चुनौती होगी।
पेरिस के एरिना ग्रैंड पेरिस में शनिवार को खेले गए सेमीफाइनल में पीवी सिंधु का सामना जापान की हिना अकेची से हुआ। यह मुकाबला करीब एक घंटे 13 मिनट तक चला। दोनों खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला, लेकिन निर्णायक क्षणों में सिंधु ने अपना संयम बनाए रखा और 21-10, 20-22, 21-16 से जीत हासिल कर ली। इस जीत के साथ उन्होंने फ्रेंच ओपन के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
मुकाबले की शुरुआत से ही पीवी सिंधु ने आक्रामक रुख अपनाया। पहले गेम में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और जापानी खिलाड़ी को ज्यादा मौके नहीं दिए। सिंधु ने बेहतरीन शॉट्स, तेज गति और सटीक खेल के दम पर पहला गेम 21-10 से आसानी से जीत लिया। शुरुआत में उनका आत्मविश्वास साफ नजर आया और ऐसा लगा कि वह सीधे गेमों में मुकाबला अपने नाम कर लेंगी।
हालांकि, दूसरे गेम में हिना अकेची ने जोरदार वापसी की। जापानी खिलाड़ी ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और सिंधु को कड़ी चुनौती देना शुरू कर दिया। गेम के दूसरे हिस्से में मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया। दोनों खिलाड़ियों के बीच अंकों के लिए कड़ा संघर्ष देखने को मिला। एक समय स्कोर 16-16 से बराबर था। इसके बाद सिंधु ने बढ़त बनाने की कोशिश की और लगातार दो अंकों तक अपनी बढ़त बनाए रखी, लेकिन अकेची ने हार नहीं मानी।
हिना अकेची ने दबाव के बीच शानदार खेल दिखाते हुए स्कोर बराबर कर दिया। इसके बाद उन्होंने दूसरा गेम 22-20 से जीत लिया और मुकाबले को तीसरे तथा निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया। दूसरे गेम में मिली हार के बाद सिंधु के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने आत्मविश्वास को बनाए रखने और निर्णायक गेम में वापसी करने की थी।
तीसरे गेम में पीवी सिंधु ने अपने अनुभव का भरपूर इस्तेमाल किया। उन्होंने शुरुआत से ही अंक जुटाने पर ध्यान दिया और हिना अकेची को मुकाबले में हावी होने का मौका नहीं दिया। सिंधु ने रक्षात्मक और आक्रामक खेल के बीच बेहतरीन संतुलन बनाए रखा। निर्णायक गेम में उन्होंने 21-16 से जीत दर्ज की और सेमीफाइनल मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस तरह तीन गेम तक चले संघर्षपूर्ण मुकाबले में सिंधु ने अपनी क्षमता और अनुभव का परिचय दिया।
इस जीत का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि जुलाई में जापान ओपन का खिताब जीतने के बाद यह इस सीजन में पीवी सिंधु का दूसरा बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर सुपर 750 फाइनल है। लगातार बड़े टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन करना उनके लिए सकारात्मक संकेत है। फ्रेंच ओपन के फाइनल में पहुंचकर उन्होंने एक और खिताब जीतने की उम्मीदों को मजबूत किया है।
अब फाइनल में सिंधु के सामने दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी एन से यंग होंगी। एन से यंग अपनी निरंतरता, तेज गति और मजबूत रक्षात्मक खेल के लिए जानी जाती हैं। ऐसे में फाइनल में सिंधु को हर अंक के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। मुकाबले में रणनीति, फिटनेस और दबाव के बीच सही फैसले अहम भूमिका निभाएंगे।
भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद होगी कि पीवी सिंधु फाइनल में भी इसी तरह का शानदार प्रदर्शन जारी रखेंगी और फ्रेंच ओपन का खिताब अपने नाम करने में सफल होंगी। अब देखना होगा कि क्या सिंधु दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी को चुनौती देकर इस सीजन का एक और बड़ा खिताब जीत पाती हैं या एन से यंग बाजी मारती हैं।


