दिल्ली में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। चार दिनों तक मध्यम श्रेणी में रहने के बाद बुधवार को राजधानी की हवा खराब श्रेणी में पहुंच गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई मंगलवार को 197 था, जो बुधवार को बढ़कर 229 दर्ज किया गया। इस बढ़ते प्रदूषण के बीच सबसे चिंताजनक स्थिति विवेक विहार की रही, जहां एक्यूआई 316 तक पहुंच गया। यह स्तर बहुत खराब श्रेणी में आता है।
राजधानी में हवा की गुणवत्ता बिगड़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस से जुड़ी परेशानियों से जूझ रहे लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। एक्यूआई में लगातार होने वाले बदलाव इस बात का संकेत हैं कि दिल्ली में प्रदूषण की समस्या अभी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं है। हालांकि, आने वाले दिनों में हवा की स्थिति में कुछ सुधार होने की संभावना जताई गई है।
दिल्ली में प्रदूषण की निगरानी के लिए कुल 58 केंद्र बनाए गए हैं। बुधवार को इनमें से 41 केंद्रों पर हवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई, जबकि 16 केंद्रों पर वायु गुणवत्ता मध्यम रही। विवेक विहार सबसे अधिक प्रदूषित निगरानी केंद्र के रूप में सामने आया, जहां एक्यूआई 316 दर्ज किया गया। यह आंकड़ा सामान्य से काफी अधिक है और प्रदूषण की गंभीर स्थिति की ओर इशारा करता है।
वायु गुणवत्ता सूचकांक के जरिए यह पता लगाया जाता है कि वातावरण में प्रदूषण का स्तर कितना है और उसका स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। निर्धारित मानकों के अनुसार, शून्य से 50 तक का एक्यूआई अच्छा, 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम, 201 से 300 खराब, 301 से 400 बहुत खराब और 401 से 500 गंभीर श्रेणी में माना जाता है। इस पैमाने के अनुसार दिल्ली का औसत एक्यूआई 229 होने का मतलब है कि राजधानी की हवा खराब श्रेणी में पहुंच चुकी है, जबकि विवेक विहार का आंकड़ा बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया है।
इस महीने भी दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार उतार-चढ़ाव वाला रहा है। 21 अक्टूबर को राजधानी का एक्यूआई 245 दर्ज किया गया था। इसके बाद 22 अक्टूबर को यह 223 और 23 अक्टूबर को 230 रहा। फिर लगातार चार दिनों तक हवा मध्यम श्रेणी में बनी रही, लेकिन बुधवार को प्रदूषण का स्तर दोबारा बढ़ गया। मंगलवार के मुकाबले बुधवार को एक्यूआई में 32 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
आने वाले दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 से 31 अक्टूबर तक दिल्ली की हवा मध्यम श्रेणी में रहने की संभावना है। हालांकि, इसके बाद भी प्रदूषण के स्तर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है और हवा मध्यम से खराब श्रेणी के बीच रह सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता पर नजर रखना जरूरी होगा।
विशेषज्ञों की सलाह के मुताबिक, प्रदूषण बढ़ने के दौरान लोगों को अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए। बाहर निकलते समय स्थानीय वायु गुणवत्ता की जानकारी लें और यदि आंखों में जलन, खांसी या सांस लेने में परेशानी हो तो लापरवाही न करें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। साथ ही, अनावश्यक रूप से लंबे समय तक अधिक प्रदूषित इलाकों में रहने से बचना चाहिए।
दिल्ली में हवा का दोबारा खराब श्रेणी में पहुंचना यह सवाल खड़ा करता है कि आने वाले दिनों में प्रदूषण पर कितना नियंत्रण हो पाएगा। फिलहाल, राजधानी के लोगों की नजरें अगले कुछ दिनों के पूर्वानुमान और एक्यूआई के आंकड़ों पर टिकी हैं।


