Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

Stock Market Today: सेंसेक्स 374 अंक उछला, रिलायंस और बैंकिंग शेयरों की लिवाली से बाजार में तेजी

घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। बीएसई सेंसेक्स में मजबूत बढ़त दर्ज की गई, जबकि एनएसई निफ्टी सीमित दायरे में कारोबार करने के बाद मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। बाजार को सबसे अधिक सहारा रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) जैसे दिग्गज शेयरों में हुई खरीदारी से मिला। वहीं कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक संकेतों ने भी निवेशकों की धारणा को सकारात्मक बनाए रखा।

कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 373.76 अंक यानी 0.48 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,954.76 अंक पर बंद हुआ। दिनभर सेंसेक्स हरे निशान में कारोबार करता रहा और मजबूत स्थिति बनाए रखी। दूसरी ओर एनएसई निफ्टी 11.35 अंक यानी 0.05 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 24,636 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 24,677.05 अंक का उच्च स्तर और 24,604.15 अंक का निचला स्तर छुआ।

रिलायंस इंडस्ट्रीज रही सबसे बड़ी गेनर

सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा। कंपनी के शेयर 3.43 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुए। इसके अलावा आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इटर्नल और टाइटन के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को मजबूती मिली।

इन शेयरों में रही गिरावट

दूसरी ओर कुछ प्रमुख शेयरों में बिकवाली भी देखने को मिली। पावर ग्रिड कॉरपोरेशन, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंटरग्लोब एविएशन और महिंद्रा एंड महिंद्रा नुकसान में बंद हुए। इनमें सबसे अधिक गिरावट पावर ग्रिड के शेयरों में रही, जो लगभग 3.99 प्रतिशत टूट गए। कंपनी के जून तिमाही के नतीजों में मुनाफे में मामूली गिरावट का असर निवेशकों की धारणा पर पड़ा।

नई नीलामी व्यवस्था का दिख रहा असर

विशेषज्ञों के अनुसार सोमवार से लागू हुई समापन नीलामी सत्र (Closing Auction Session) की नई व्यवस्था का असर अब बाजार में साफ दिखाई देने लगा है। यह व्यवस्था उन शेयरों पर लागू की गई है जिनमें फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग उपलब्ध है। इसका उद्देश्य शेयरों के समापन मूल्य को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नई व्यवस्था के कारण सेंसेक्स और निफ्टी के प्रदर्शन में अंतर देखने को मिल रहा है। संस्थागत निवेशकों के बड़े ऑर्डर निफ्टी के शेयरों में अधिक केंद्रित रहने से निफ्टी अब समापन नीलामी के प्रभाव के प्रति अधिक संवेदनशील हो गया है।

कच्चे तेल की कीमतों ने दिया सहारा

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भारतीय बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाए रखने में मदद की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड लगभग 79.52 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। ऊर्जा कीमतों में स्थिरता को भारतीय अर्थव्यवस्था और बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

विदेशी निवेशकों ने की बिकवाली

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बुधवार को 943.42 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। इसके बावजूद घरेलू निवेशकों की खरीदारी और प्रमुख कंपनियों में मजबूत निवेश के चलते बाजार पर इसका अधिक नकारात्मक असर नहीं पड़ा।

वैश्विक बाजारों का हाल

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि शंघाई कंपोजिट मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान तेजी दर्ज की गई, जबकि अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र में अधिकांश सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए थे।

आगे क्या रहेगा बाजार का रुख?

विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेत, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कंपनियों के तिमाही नतीजे भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे। फिलहाल निवेशकों की नजरें घरेलू आर्थिक आंकड़ों और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर बनी हुई हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles