टिकटॉक को अमेरिका में बच्चों की ऑनलाइन प्राइवेसी से जुड़े मामले में बड़ा आर्थिक झटका लगा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने अमेरिकी न्याय मंत्रालय के साथ 40 करोड़ अमेरिकी डॉलर के समझौते पर सहमति जताई है। कंपनी पर आरोप था कि उसने 13 साल से कम उम्र के बच्चों का व्यक्तिगत डेटा अभिभावकों की अनुमति के बिना एकत्र किया और कई मामलों में बच्चों के अकाउंट हटाने के अनुरोधों को नजरअंदाज किया।
अमेरिकी न्याय मंत्रालय के मुताबिक इस समझौते के तहत टिकटॉक को तत्काल 30 करोड़ डॉलर का भुगतान करना होगा। वहीं बाकी 10 करोड़ डॉलर का भुगतान उस समय किया जाएगा, जब टिकटॉक की पूर्ववर्ती कंपनी म्यूजिकली से जुड़े पुराने सहमति आदेश को रद्द कर दिया जाएगा। इस फैसले के बाद अमेरिका में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो सकती है।
अमेरिकी अधिकारियों ने इस समझौते को बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। एसोसिएट अटॉर्नी जनरल स्टेनली ई. वुडवर्ड जूनियर ने कहा कि अमेरिकी न्याय मंत्रालय की प्राथमिकता बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करना है। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जिन कंपनियों को बच्चों की निजी जानकारी सौंपी जाती है, उन्हें अपने कानूनी दायित्वों का पालन करना जरूरी है।
दरअसल, इस मामले की जड़ बच्चों के व्यक्तिगत डेटा के इस्तेमाल से जुड़ी हुई है। आरोपों के मुताबिक टिकटॉक ने 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की जानकारी उनके माता-पिता की सहमति के बिना एकत्र की। इसके अलावा उन अकाउंट्स को हटाने के अनुरोधों पर भी पर्याप्त कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया गया, जिन्हें बच्चों से जुड़ा माना गया था।
अमेरिका में बच्चों की ऑनलाइन निजता को लेकर पहले से ही सख्त नियम मौजूद हैं। ऐसे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए कम उम्र के यूजर्स से जुड़ी जानकारी को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी माना जाता है। टिकटॉक के खिलाफ हुई यह कार्रवाई इसी व्यापक चिंता का हिस्सा है, जिसमें सरकारें यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही हैं कि डिजिटल प्लेटफॉर्म बच्चों के डेटा का इस्तेमाल नियमों के मुताबिक करें।
अमेरिकी न्याय मंत्रालय ने साल 2024 में टिकटॉक के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। इसके बाद कंपनी में कई बड़े बदलाव भी देखने को मिले। इनमें सबसे महत्वपूर्ण बदलाव अमेरिका में टिकटॉक के स्वामित्व ढांचे से जुड़ा रहा है। कंपनी ने अमेरिका में अपने संचालन को लेकर नए निवेशकों के साथ समझौते की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
जनवरी में टिकटॉक ने ओरेकल, सिल्वर लेक और संयुक्त अरब अमीरात की निवेश कंपनी एमजीएक्स समेत कई बड़े निवेशकों के साथ समझौते किए थे। इसका उद्देश्य अमेरिका के लिए एक नया टिकटॉक अमेरिकी संयुक्त उद्यम तैयार करना था। ऐसे समय में आया यह समझौता कंपनी के लिए कानूनी और कारोबारी दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
टिकटॉक पर हुई यह कार्रवाई सोशल मीडिया कंपनियों के लिए भी एक बड़ा संदेश है। बच्चों की निजी जानकारी से जुड़े मामलों में सरकारें अब पहले की तुलना में ज्यादा सख्त रुख अपना रही हैं। कंपनियों के लिए केवल यूजर बेस बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कम उम्र के यूजर्स की सुरक्षा और निजता से जुड़े नियमों का पूरी तरह पालन किया जाए।
इस पूरे मामले में 40 करोड़ डॉलर का समझौता भले ही टिकटॉक के लिए बड़ा आर्थिक भुगतान है, लेकिन इसका असर इससे कहीं ज्यादा व्यापक हो सकता है। आने वाले समय में अमेरिका में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर सोशल मीडिया कंपनियों पर और कड़े नियम लागू किए जाने की चर्चा तेज हो सकती है। वहीं अभिभावकों के बीच भी यह सवाल बना रहेगा कि उनके बच्चों की निजी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कितनी सुरक्षित है।
फिलहाल टिकटॉक और अमेरिकी न्याय मंत्रालय के बीच हुए इस समझौते ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि बच्चों की ऑनलाइन प्राइवेसी अब सिर्फ तकनीकी मुद्दा नहीं रह गई है। यह कानूनी और सार्वजनिक सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण विषय बन चुका है। इस मामले में होने वाला 40 करोड़ डॉलर का भुगतान आने वाले समय में दूसरी सोशल मीडिया कंपनियों के लिए भी एक बड़ा उदाहरण बन सकता है।


