सोमालिया के पास दो वाणिज्यिक जहाजों के अपहरण का मामला सामने आने के बाद भारत ने वहां के अधिकारियों के सामने 22 भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। केन्या स्थित भारतीय उच्चायोग ने बताया कि दोनों जहाजों पर सवार सभी भारतीय नाविक फिलहाल सुरक्षित हैं।
भारतीय उच्चायोग के मुताबिक, अपहरण किए गए जहाजों में एमटी सिबू और एमवी लुतुफ शामिल हैं। एमटी सिबू पर 16 भारतीय नाविक सवार हैं, जबकि एमवी लुतुफ पर छह भारतीय नाविक मौजूद हैं। इस तरह दोनों जहाजों पर कुल 22 भारतीय नागरिकों के होने की जानकारी सामने आई है।
उच्चायोग ने सोशल मीडिया पर जारी जानकारी में कहा कि उसने सोमालिया के संबंधित अधिकारियों के सामने दोनों जहाजों पर मौजूद भारतीय नाविकों का मुद्दा उठाया है। भारतीय मिशन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नाविकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
एमटी सिबू इरीट्रिया के झंडे वाला जहाज है, जबकि एमवी लुतुफ कैमरून के झंडे के तहत संचालित हो रहा था। दोनों जहाजों के अपहरण की घटना ने समुद्री सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।
भारत की ओर से साफ किया गया है कि भारतीय नाविक समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे मामलों में भारतीय मिशन संबंधित देश के अधिकारियों के साथ संपर्क में रहकर स्थिति की जानकारी जुटाता है और नागरिकों की सुरक्षित स्थिति सुनिश्चित करने की कोशिश करता है।
फिलहाल सबसे राहत की बात यह है कि दोनों जहाजों पर मौजूद 22 भारतीय नाविकों के सुरक्षित होने की जानकारी है। हालांकि जहाजों के अपहरण की परिस्थितियों और उन्हें किसने कब्जे में लिया, इसे लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
भारत इस मामले में सोमालियाई अधिकारियों के संपर्क में है और घटनाक्रम पर नजर रख रहा है। नाविकों की सुरक्षा को देखते हुए आगे की कार्रवाई बेहद सावधानी से किए जाने की उम्मीद है।
सोमालिया के आसपास का समुद्री क्षेत्र पहले भी समुद्री डकैती और जहाजों की सुरक्षा को लेकर चर्चा में रहा है। ऐसे में दो वाणिज्यिक जहाजों के अपहरण की खबर सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं।
भारत के लिए यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में समुद्री क्षेत्र में काम करते हैं। किसी भी समुद्री संकट की स्थिति में भारतीय मिशन संबंधित देशों और एजेंसियों के साथ समन्वय कर अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश करता है।
फिलहाल भारतीय उच्चायोग ने नाविकों के सुरक्षित होने की जानकारी दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सोमालियाई अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और दोनों जहाजों तथा उनके चालक दल को सुरक्षित तरीके से कैसे बाहर निकाला जाता है।


