सिद्धार्थनगर जिले के इटवा थाना क्षेत्र से सामने आए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। ई-रिक्शा चालक हरिशचंद्र अग्रहरि की हत्या के मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी माया देवी और उसके कथित प्रेमी नियाज अहमद समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, हरिशचंद्र की हत्या की साजिश उसकी पत्नी और नियाज ने मिलकर रची थी और इसके लिए कथित तौर पर सुपारी किलर्स की मदद ली गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि हरिशचंद्र की पत्नी माया देवी अपने पति से परेशान थी। आरोप है कि पति उसके साथ मारपीट करता था, जिसके बाद उसने अपने प्रेमी नियाज अहमद के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। इसके बाद हत्या को अंजाम देने के लिए इरशाद और अब्दुल्ला को कथित तौर पर शामिल किया गया। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए चारों आरोपियों तक पहुंच बनाई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान माया देवी, नियाज अहमद, इरशाद और अब्दुल्ला के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान हत्या की साजिश से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए। जांच में यह भी पता चला कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बच निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर उन्हें पकड़ लिया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू और मोबाइल फोन भी बरामद किया है। बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले में साक्ष्यों को अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। चारों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया है।
हरिशचंद्र अग्रहरि ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसकी हत्या की खबर सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। शुरुआती जांच में मामला सामान्य हत्या का लग रहा था, लेकिन पुलिस की तफ्तीश आगे बढ़ने के साथ ही कहानी में नया मोड़ सामने आया। जांच में मृतक की पत्नी और उसके कथित प्रेमी की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने पूरे मामले को साजिश के एंगल से खंगालना शुरू किया।
पुलिस के अनुसार, घरेलू विवाद और मारपीट से परेशान होने का दावा करते हुए माया देवी ने कथित तौर पर नियाज अहमद के साथ मिलकर हरिशचंद्र को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इसके बाद इरशाद और अब्दुल्ला को कथित तौर पर इस साजिश में शामिल किया गया। हालांकि हत्या के पीछे की पूरी वजह और आरोपियों की भूमिका को लेकर पुलिस की विस्तृत जांच अभी भी महत्वपूर्ण है।
इस हत्याकांड ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि घरेलू विवाद किस तरह गंभीर अपराध का रूप ले सकता है। जिस व्यक्ति के साथ आरोपी महिला का वैवाहिक रिश्ता था, उसी की हत्या की साजिश में उसके शामिल होने का आरोप सामने आया है। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की योजना कब और कैसे बनाई गई थी।
फिलहाल सिद्धार्थनगर पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हत्या में इस्तेमाल चाकू और मोबाइल फोन की बरामदगी को पुलिस जांच में अहम साक्ष्य माना जा रहा है। अब आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया में यह स्पष्ट होगा कि हत्या की साजिश में किस आरोपी की क्या भूमिका थी और वारदात को किस तरह अंजाम दिया गया।


