जापान से एशियन गेम्स 2026 का शानदार आगाज हो चुका है! अब बारी है भारतीय खिलाड़ियों के मैदान में उतरने की। रविवार से महिला क्रिकेट, हॉकी, शूटिंग और टेबल टेनिस समेत कई खेलों में भारत अपना अभियान आगे बढ़ाएगा। 501 सदस्यीय भारतीय दल की अगुवाई कर चुके हैं ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर और कबड्डी स्टार पवन सहरावत। लेकिन क्या भारत इस बार भी अपने पिछले रिकॉर्ड को दोहरा पाएगा? आइए जानते हैं एशियन गेम्स से जुड़ी बड़ी अपडेट।
जापान के नागोया स्थित मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में शनिवार को 20वें एशियाई खेलों का आधिकारिक उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। करीब दो घंटे तक चले इस हाईटेक समारोह में जापान के सम्राट नारुहितो, महारानी मासाको और कई प्रमुख अतिथि मौजूद रहे। इसके साथ ही एशिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों में शामिल इस प्रतियोगिता की औपचारिक शुरुआत हो गई।
उद्घाटन समारोह में भारतीय दल का नेतृत्व निशानेबाज मनु भाकर और कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत ने किया। दोनों खिलाड़ियों ने भारतीय तिरंगे के साथ खिलाड़ियों की परेड में हिस्सा लिया। भारत का 501 सदस्यीय दल इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहा है और अब उसकी नजरें अलग-अलग खेलों में पदक जीतने पर होंगी।
भारतीय खेल प्रेमियों के लिए रविवार का दिन खास रहने वाला है। महिला क्रिकेट टी20 और हॉकी समेत कई खेलों में भारतीय खिलाड़ी मैदान पर उतरेंगे। इसके अलावा शूटिंग और टेबल टेनिस में भी भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर रहेगी। हालांकि, अलग-अलग मुकाबलों का सटीक समय और प्रतिद्वंद्वी की जानकारी संबंधित आधिकारिक कार्यक्रम से देखना जरूरी है।
भारत के सामने इस बार पिछले एशियाई खेलों के प्रदर्शन को दोहराने की चुनौती भी होगी। साल 2023 में हांगझोउ में आयोजित एशियाई खेलों में भारतीय दल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 106 पदक जीते थे। इनमें 28 स्वर्ण पदक शामिल थे। भारत उस प्रतियोगिता की पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा था।
अब नागोया में भारतीय खिलाड़ियों के सामने अपने प्रदर्शन को आगे बढ़ाने का अवसर है। क्रिकेट से लेकर हॉकी और शूटिंग तक, हर खेल में खिलाड़ियों की कोशिश होगी कि वे अपने मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करें और देश के लिए पदक हासिल करें।
तो अब सबकी निगाहें भारतीय खिलाड़ियों के अभियान पर टिकी हैं। कौन-सा खिलाड़ी सबसे पहले पदक की दौड़ में आगे निकलता है? किन खेलों में भारत को सफलता मिलती है? और क्या भारतीय दल हांगझोउ के 106 पदकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ पाएगा? इन सवालों के जवाब आने वाले मुकाबलों में सामने आएंगे।


