गुरुग्राम में चल रहे हीरो महिला इंडियन ओपन में भारतीय गोल्फर वाणी कपूर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब जीतने की उम्मीदों को मजबूत कर दिया है। टूर्नामेंट के तीसरे दौर के बाद वाणी कपूर ने एक शॉट की बढ़त हासिल कर ली है और वह अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर पहुंच गई हैं। अब उनकी नजरें उस ऐतिहासिक जीत पर हैं, जिसका भारतीय गोल्फ प्रेमियों को पिछले 10 वर्षों से इंतजार है। अगर वाणी कपूर अंतिम दौर में भी अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखती हैं, तो भारत को घरेलू धरती पर इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का खिताब दोबारा मिल सकता है। आखिरी दौर में मुकाबला कितना रोमांचक होगा और क्या वाणी कपूर इतिहास रच पाएंगी? इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
गुरुग्राम के डीएलएफ गोल्फ एंड कंट्री क्लब में आयोजित इस प्रतियोगिता के तीसरे दौर में 32 वर्षीय वाणी कपूर ने तीन अंडर 69 का कार्ड खेला। इसके साथ ही उनका कुल स्कोर पांच अंडर 211 हो गया। इस प्रदर्शन ने उन्हें खिताब की दौड़ में सबसे आगे पहुंचा दिया है। वाणी ने दबाव के बीच बेहतरीन खेल दिखाया और अपनी प्रतिद्वंद्वियों पर महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की। अब अंतिम दौर में उनके सामने इस बढ़त को बरकरार रखने और प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम करने की चुनौती होगी।
वाणी कपूर की राह हालांकि आसान नहीं रहने वाली है। सिंगापुर की गत चैंपियन शैनन टैन और थाईलैंड की अनुभवी गोल्फर पोर्नानॉन्ग फाटलम उनसे केवल एक शॉट पीछे हैं। शैनन टैन ने तीसरे दौर में पांच अंडर 67 का शानदार कार्ड खेला, जबकि पोर्नानॉन्ग फाटलम ने तीन अंडर 69 का कार्ड दर्ज किया। दोनों खिलाड़ी खिताब जीतने की प्रबल दावेदार बनी हुई हैं। ऐसे में अंतिम दौर में छोटी-सी गलती भी मुकाबले का रुख बदल सकती है। वाणी को अपनी लय बनाए रखने के साथ-साथ इन दोनों खिलाड़ियों की चुनौती का भी सामना करना होगा।
इस प्रतियोगिता का भारतीय गोल्फ के लिए विशेष महत्व है। वर्ष 2016 में अदिति अशोक ने हीरो महिला इंडियन ओपन का खिताब जीतकर इतिहास रचा था। उसके बाद से कोई भारतीय महिला गोल्फर घरेलू धरती पर यह खिताब नहीं जीत सकी है। अब वाणी कपूर के पास इस लंबे इंतजार को समाप्त करने का सुनहरा अवसर है। घरेलू दर्शकों के सामने खिताब जीतना उनके करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकता है। हालांकि, इसके लिए उन्हें अंतिम दौर में निरंतरता और संयम के साथ खेलना होगा।
तीसरे दौर में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन की बात करें तो प्रणवी उर्स के लिए दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहा। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुकीं प्रणवी बीमारी और थकान से जूझ रही हैं। वह शुरुआती दो दौर के बाद संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर थीं, लेकिन तीसरे दौर में तीन ओवर 73 का कार्ड खेलने के बाद संयुक्त चौथे स्थान पर खिसक गईं। उनका कुल स्कोर तीन अंडर 213 है। इसके बावजूद वह खिताब की दौड़ से पूरी तरह बाहर नहीं हुई हैं और अंतिम दौर में बेहतर प्रदर्शन करके अपनी स्थिति सुधार सकती हैं।
अर्जेंटीना की मैग्डालेना सिमरमाकर भी तीन अंडर 213 के कुल स्कोर के साथ संयुक्त चौथे स्थान पर हैं। इससे मुकाबले में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा का अंदाजा लगाया जा सकता है। टूर्नामेंट के अंतिम दिन खिलाड़ियों को हर शॉट पर विशेष ध्यान देना होगा, क्योंकि शीर्ष स्थानों के बीच अंतर काफी कम है।
भारत की त्वेसा मलिक ने भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए अपनी उम्मीदें कायम रखी हैं। उन्होंने तीसरे दौर में एक अंडर 71 का कार्ड खेला। उनका कुल स्कोर एक अंडर 215 है और वह आठवें स्थान पर बनी हुई हैं। यदि त्वेसा अंतिम दौर में बेहतर प्रदर्शन करती हैं, तो वह भी अपनी रैंकिंग में सुधार कर सकती हैं।
पांच लाख डॉलर की इनामी राशि वाले इस लेडीज यूरोपियन टूर टूर्नामेंट का अंतिम दौर बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। वाणी कपूर के पास जहां 10 साल बाद भारत को घरेलू खिताब दिलाने का अवसर है, वहीं शैनन टैन और पोर्नानॉन्ग फाटलम भी अपनी चुनौती पेश करने के लिए तैयार हैं। अब देखना होगा कि वाणी अपनी एक शॉट की बढ़त को जीत में बदल पाती हैं या अंतिम दौर में मुकाबले का परिणाम बदल जाता है।


