ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने चेतावनी देते हुए कहा है कि लेबनान पर किसी भी नए हमले के गंभीर परिणाम होंगे। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह अपने सहयोगी संगठन हिजबुल्लाह के खिलाफ किसी बड़े सैन्य अभियान को बर्दाश्त नहीं करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान केवल कूटनीतिक चेतावनी नहीं बल्कि इजरायल और उसके सहयोगियों के लिए एक मजबूत संदेश है। ईरान लंबे समय से हिजबुल्लाह का समर्थन करता रहा है और लेबनान में उसकी सुरक्षा को अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं में शामिल मानता है।
इस बीच, अमेरिका भी क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर सतर्क नजर आ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वॉशिंगटन नहीं चाहता कि इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल जाए। यही वजह है कि अमेरिका लगातार संयम बरतने की अपील कर रहा है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच कई बार सीमा पार हमले और जवाबी कार्रवाई देखने को मिली है। हालांकि युद्धविराम की कोशिशें जारी हैं, लेकिन दक्षिणी लेबनान और उत्तरी इजरायल में हालात अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि युद्धविराम टूटता है और इजरायल लेबनान में बड़े स्तर पर सैन्य कार्रवाई करता है, तो ईरान की सीधी भागीदारी की संभावना बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में पूरा मिडिल ईस्ट एक बड़े संघर्ष की चपेट में आ सकता है।
फिलहाल दुनिया की नजरें इजरायल, ईरान और लेबनान पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के कदम यह तय करेंगे कि क्षेत्र में शांति कायम रहती है या फिर एक नई जंग की शुरुआत होती है।


