लखनऊ- सीतापुर की एक बीएससी छात्रा के प्रेग्नेंट होने के बाद प्रेमी ने उसकी हत्या कर दी। आरोपी उसे बहला-फुसलाकर लखनऊ ले गया और हत्या के बाद शव को जंगल में फेंक दिया।
पुलिस ने कहा-
हिरासत में लिए गए युवक से पूछताछ के बाद पुलिस ने लखनऊ के महिपतपुर क्षेत्र के जंगल से कुछ हड्डियां, बाल, कपड़े और चप्पल बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि बरामद हड्डियों के अवशेष, कपड़े और चप्पल युवती के ही हैं।
सीतापुर के संदना क्षेत्र की रहने वाली 19 वर्षीय मानसी, जो बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा थी, 25 मई को कॉलेज जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसके प्रेमी पर उसे भगाने का आरोप लगाया था।
युवती की बरामदगी न होने पर परिजन ने धरना-प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। 6 जून को पुलिस ने जंगल से शव के अवशेष बरामद किए। हालांकि, उनकी पहचान की पुष्टि के लिए आगे की जांच और आवश्यक परीक्षण किए जा रहे हैं।
घटनास्थल की 3 तस्वीरें…



जानिए पूरा मामला…
सीतापुर के संदना गांव के निवासी महेश की 19 वर्षीय बेटी मानसी बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा थी। सरैया गांव के विशाल पाल और उसकी बहन शिवानी पाल भी उसी के साथ पढ़ते थे। महेश के अनुसार, विशाल ने अपनी बहन के माध्यम से मानसी को प्रेमजाल में फंसा लिया।
इसके बाद 25 मई को विशाल मानसी को अपने साथ लेकर फरार हो गया। पिता ने बताया कि मानसी रोज की तरह कॉलेज जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। इससे परिवार की चिंता बढ़ गई।
बाद में पता चला कि विशाल और उसकी बहन उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए हैं। मानसी का मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ था। इसके बाद महेश ने थाने पहुंचकर प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन पुलिस ने तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की। संदना थाने की पुलिस ने 28 मई को इस मामले में एफआईआर दर्ज की।

एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो पिता ने धरना शुरू किया
पिता महेश ने बताया, “मेरी बेटी 25 तारीख को लापता हो गई थी। उसके प्रेमी ने उसका अपहरण कर लिया था। मैं नामजद शिकायत दर्ज कराने थाने गया, लेकिन मामला दर्ज नहीं किया गया। 28 तारीख को मुकदमा दर्ज हुआ। जब मैंने FIR की कॉपी देखी तो मैं उससे संतुष्ट नहीं था। इसके बाद मैं सीओ साहब और एसपी साहब से मिला।
मैं लगातार अधिकारियों के पास जाता रहा और उन्हें बताता रहा कि मैं पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हूं। जब मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई, तो अधिकारियों को सूचना देकर धरने पर बैठ गया। 2 जून को धरना शुरू होने के बाद पुलिस-प्रशासन हरकत में आया और कुछ कार्रवाई शुरू हुई।
धरने के तीसरे दिन सीओ साहब आए और मुझसे कहा कि धरना समाप्त कर दीजिए, हम आपकी बेटी को 3-4 दिनों में ढूंढ़ लेंगे। उनके आश्वासन पर मैं धरने से उठ गया, लेकिन गांव के लोग वहीं बैठे रहे।
पिता बोले- आज पुलिस लखनऊ लेकर मुझे आई
पिता ने बताया कि शनिवार को पुलिस मुझे लेकर लखनऊ आई। बताया कि मेरी बेटी मिल गई है। लेकिन मुझे लेकर सीधे जंगल गए। वहां झाड़ियों में फंसे उसके कपड़े दिखाए। चप्पल और हड्डियां भी पड़ी थी। उसके बाल भी मिले लेकिन पूरी लाश नहीं मिली।
बताया जा रहा कि मेरी बेटी की हत्या कर दी गई है। आरोपी प्रेमी जेल में है। अगर बेटी की हत्या हुइ है तो अकेले तो उसने किया नहीं होगा। और लोग शामिल होंगे। उन पर भी कार्रवाई हो। लापरवाह पुलिसवाले भी निलंबित किए जाएं।
एसीपी बोले- डीएनए से पहचान कराई जाएगी
एसीपी बीकेटी विकास पांडेय ने कहा-जंगल में एक युवती के अवशेष मिले हैं। पिता ने बेटी के कपड़े और चप्पल से पहचान की है। मृतका के प्रेमी ने सीतापुर पुलिस के सामने कबूला है कि दोनों के बीच अफेयर था। लड़की प्रेग्नेंट हो गई थी। प्रेमी ने बहाने से लखनऊ लाकर प्रेमिका को मार डाला। जंगल में बरामद अवशेषों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। डीएनए परीक्षण कराया जाएगा।


