फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ब्राज़ील की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। न्यू जर्सी के मेटलाइफ़ स्टेडियम में खेले गए ग्रुप सी के मुकाबले में ब्राज़ील और मोरक्को के बीच मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ।
मैच के बाद ब्राज़ील के मुख्य कोच कार्लो एंसेलोटी ने प्रशंसकों से धैर्य रखने की अपील की और कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि टीम लगातार सुधार करेगी और आने वाले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी।
कार्लो एंसेलोटी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि हमने वर्ल्ड कप की दिशा में पहला कदम उठाया है और ब्राज़ील का प्रतिनिधित्व गर्व और खुशी के साथ किया है। यह तो बस शुरुआत है। हम लगातार मेहनत करेंगे और आगे बढ़ते रहेंगे।
इस मुकाबले के साथ ही एंसेलोटी ने इतिहास भी रच दिया। वह फीफा वर्ल्ड कप में ब्राज़ील की टीम को कोचिंग देने वाले पहले गैर-ब्राज़ीलियाई मैनेजर बन गए हैं।
मैच की शुरुआत में मोरक्को ने शानदार प्रदर्शन किया। 21वें मिनट में इस्माइल सैबारी ने ब्राहिम डियाज़ के शानदार काउंटर अटैक की मदद से गोल कर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।
हालांकि ब्राज़ील ने ज्यादा देर इंतजार नहीं कराया। 11 मिनट बाद स्टार खिलाड़ी विनीसियस जूनियर ने शानदार गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। उन्होंने बाईं तरफ से अंदर आते हुए अपने दाहिने पैर से गेंद को शानदार तरीके से गोलपोस्ट के ऊपरी कोने में पहुंचाया।
इसके बाद दोनों टीमों ने लगातार आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन कोई भी टीम निर्णायक गोल नहीं कर सकी।
मैच के बाद एंसेलोटी ने स्वीकार किया कि उनकी टीम पहले हाफ में उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। उन्होंने कहा कि टीम का संतुलन ठीक नहीं था और खिलाड़ियों ने कई मौकों पर आसानी से गेंद गंवा दी।
उन्होंने कहा कि हमें कई क्षेत्रों में सुधार करने की जरूरत है। विशेष रूप से गेंद पर नियंत्रण और टीम के संतुलन को बेहतर बनाने पर काम करना होगा।
एंसेलोटी ने यह भी बताया कि दूसरे हाफ में खिलाड़ियों में बदलाव करने के बाद टीम का प्रदर्शन बेहतर हुआ और खेल पर पकड़ मजबूत हुई। हालांकि मोरक्को के मजबूत और अनुशासित डिफेंस ने ब्राज़ील को जीत हासिल करने से रोक दिया।
इस मुकाबले में दोनों टीमों ने मिलकर कुल 27 शॉट लगाए। दोनों गोलकीपरों ने भी शानदार प्रदर्शन किया और कई महत्वपूर्ण बचाव किए, जिसकी वजह से मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ।
ब्राज़ील के लिए राहत की बात यह है कि टूर्नामेंट अभी शुरुआती चरण में है और टीम के पास अपनी रणनीति सुधारने के लिए पर्याप्त समय मौजूद है।
एंसेलोटी ने स्पष्ट कहा कि वह इस नतीजे से न तो पूरी तरह निराश हैं और न ही संतुष्ट। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले मुकाबलों में टीम की प्लेइंग इलेवन में बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
अब सभी की नजरें ब्राज़ील के अगले मुकाबले पर टिकी हैं, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या एंसेलोटी की रणनीति टीम को जीत की राह पर वापस ला पाती है या नहीं।


