फुटबॉल की दुनिया से एक बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। जर्मनी के दिग्गज गोलकीपर मैनुअल नॉयर ने FIFA वर्ल्ड कप 2026 में एक नया इतिहास रच दिया है। 40 साल की उम्र में नॉयर ने अपना पांचवां फीफा वर्ल्ड कप खेलते हुए जर्मनी के महान खिलाड़ी लोथर मथाउस के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।
कुराकाओ के खिलाफ जर्मनी के पहले मुकाबले में जब मैनुअल नॉयर मैदान पर उतरे, तो उन्होंने सिर्फ अपनी टीम की 7-1 की शानदार जीत में योगदान नहीं दिया, बल्कि अपने नाम एक और ऐतिहासिक उपलब्धि भी दर्ज कर ली।
यह फीफा वर्ल्ड कप में उनका 20वां मुकाबला था। इसके साथ ही उन्होंने जर्मनी के पूर्व कप्तान फिलिप लाहम और बास्टियन श्वाइनस्टाइगर के वर्ल्ड कप मैचों की बराबरी भी कर ली है।
मैनुअल नॉयर अब पांच फीफा वर्ल्ड कप खेलने वाले सिर्फ दूसरे जर्मन खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले यह उपलब्धि सिर्फ महान मिडफील्डर लोथर मथाउस के नाम दर्ज थी।
दिलचस्प बात यह है कि यूरो 2024 के बाद नॉयर ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का फैसला कर लिया था। ऐसा लग रहा था कि उनका राष्ट्रीय टीम का सफर खत्म हो चुका है, लेकिन परिस्थितियों ने एक बार फिर उन्हें टीम में वापसी का मौका दिया।
जर्मनी के मुख्य गोलकीपर मार्क-आंद्रे टेर स्टेगन के चोटिल होने के बाद कोच जूलियन नागेल्समैन ने अनुभवी नॉयर पर भरोसा जताया और उन्हें टीम में वापस बुलाया।
हालांकि उनकी वापसी को लेकर कई सवाल भी उठे थे। वर्ल्ड कप की तैयारियों के दौरान वह चोट से भी जूझ रहे थे और कुछ अभ्यास मुकाबलों में हिस्सा नहीं ले पाए थे।
इसके बावजूद जर्मनी के कोचिंग स्टाफ का मानना था कि उनका अनुभव, नेतृत्व क्षमता और बड़े मैचों का दबाव संभालने की क्षमता टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
40 साल और 79 दिन की उम्र में मैनुअल नॉयर किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में जर्मनी का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी भी बन गए हैं। उन्होंने इस मामले में लोथर मथाउस का पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है।
अगर वर्ल्ड कप में जर्मनी के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ियों की बात करें तो सबसे ऊपर लोथर मथाउस हैं, जिन्होंने 25 मुकाबले खेले थे। इसके बाद मिरोस्लाव क्लोज़े 24 मैचों के साथ दूसरे स्थान पर हैं और उवे सीलर 21 मैचों के साथ तीसरे स्थान पर मौजूद हैं।
मैनुअल नॉयर अब 20 मैचों के साथ इस सूची में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और उनके पास आने वाले मुकाबलों में नए रिकॉर्ड बनाने का शानदार मौका भी रहेगा।
नॉयर को फुटबॉल इतिहास के सबसे प्रभावशाली गोलकीपरों में गिना जाता है। उन्होंने अपनी शानदार गोलकीपिंग, तेज फैसलों और ‘स्वीपर कीपर’ शैली से गोलकीपर की भूमिका को एक नई पहचान दी है।
वह जर्मनी को वर्ल्ड कप जिताने के साथ-साथ गोल्डन ग्लव अवॉर्ड भी जीत चुके हैं और दुनिया भर के युवा गोलकीपरों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या मैनुअल नॉयर अपने इस आखिरी वर्ल्ड कप अभियान को एक और बड़ी उपलब्धि में बदल पाएंगे।


