फ्रांस में आयोजित G7 समिट के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा और सख्त बयान दिया है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ समझौता अभी अंतिम नहीं है और अगर तेहरान ने तय शर्तों का पालन नहीं किया तो अमेरिका दोबारा सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच समझौता ज्ञापन यानी MoU पर आधिकारिक हस्ताक्षर होने में सिर्फ दो दिन बाकी हैं। ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह कोई अंतिम समझौता नहीं है, बल्कि सिर्फ एक समझौता ज्ञापन है। अगर ईरान ने सही तरीके से व्यवहार नहीं किया या समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया, तो अमेरिका फिर से बमबारी शुरू कर सकता है।
ट्रंप ने ईरान पर पिछले 47 वर्षों से गलत गतिविधियों में शामिल रहने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब ईरान की हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखेगा और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी इस समझौते को लेकर अहम जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि अमेरिका और ईरान दोनों पक्ष डिजिटल रूप से इस समझौते पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान को फिलहाल किसी प्रकार की आर्थिक राहत नहीं दी गई है।
जेडी वेंस ने कहा कि ईरान को प्रतिबंधों में छूट या उसकी फ्रीज की गई संपत्तियों तक पहुंच तभी मिलेगी, जब वह समझौते के तहत किए गए सभी वादों को पूरी तरह पूरा करेगा।
ABC के कार्यक्रम ‘गुड मॉर्निंग अमेरिका’ में बातचीत के दौरान वेंस ने दोहराया कि अभी तक कोई पैसा जारी नहीं किया गया है और न ही किसी आर्थिक रियायत की घोषणा की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान अमेरिका की सख्त विदेश नीति का संकेत देता है। इससे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ सकता है और वैश्विक स्तर पर तेल बाजार भी प्रभावित हो सकता है।
दुनिया भर के देशों की नजर अब स्विट्जरलैंड में होने वाले आधिकारिक हस्ताक्षर पर टिकी हुई है। यदि दोनों देश समझौते की शर्तों का पालन करते हैं तो क्षेत्र में स्थिरता आ सकती है, लेकिन किसी भी तरह की असहमति एक बार फिर बड़े सैन्य टकराव का कारण बन सकती है।
फिलहाल अमेरिका ने यह साफ कर दिया है कि वह ईरान के प्रति कोई नरम रुख अपनाने के मूड में नहीं है और जरूरत पड़ने पर कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।


