दिल्ली में आगामी मॉनसून सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता एक्शन मोड में नजर आ रही हैं। बुधवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि मानसून के दौरान जलभराव और बाढ़ जैसी समस्याओं को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को पूरी तैयारी के साथ अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग की शीर्ष समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए राजधानी में मॉनसून की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि दिल्ली के जिन इलाकों में हर साल जलभराव की समस्या सामने आती है, वहां विशेष निगरानी रखी जाए और हर चिन्हित स्थान के लिए एक समर्पित नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय की जाएंगी और किसी भी क्षेत्र में जलभराव होने पर संबंधित अधिकारी को जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अपनी टीमों को 24 घंटे सतर्क रखें और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
दिल्ली में हर साल भारी बारिश के दौरान कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आती है, जिससे यातायात प्रभावित होता है और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए सरकार इस बार पहले से ही व्यापक तैयारी करने में जुटी हुई है।
बैठक के दौरान जल निकासी व्यवस्था, नालों की सफाई, पंपिंग स्टेशनों की स्थिति और बाढ़ नियंत्रण से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी जरूरी कार्य समय पर पूरे किए जाएं ताकि बारिश शुरू होने से पहले तैयारियां पूरी हो सकें।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि जनता की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते की गई तैयारी से राजधानी में मानसून के दौरान होने वाली समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए प्रशासन, स्थानीय निकाय और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के बीच तालमेल बेहद जरूरी होगा।
फिलहाल दिल्ली सरकार का पूरा फोकस इस बात पर है कि बारिश के दौरान आम लोगों को कम से कम परेशानी हो और शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे। आने वाले दिनों में विभिन्न विभागों की तैयारियों की लगातार निगरानी भी की जाएगी।


