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Telegram क्यों हुआ बैन? जानिए वो 5 फीचर्स जो इसे WhatsApp से अलग और विवादित बनाते हैं

भारत में एक बार फिर Telegram चर्चा का विषय बन गया है। NEET UG 2026 परीक्षा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था सख्त किए जाने के बीच केंद्र सरकार ने Telegram पर 22 जून 2026 तक अस्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य परीक्षा से जुड़ी अफवाहों, फर्जी जानकारी और संभावित पेपर लीक नेटवर्क को रोकना है।

हालांकि Telegram लंबे समय से दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म में शामिल रहा है, लेकिन इसके कुछ ऐसे फीचर्स हैं जो इसे WhatsApp से अलग बनाते हैं। यही फीचर्स कई बार विवादों का कारण भी बन जाते हैं।

सबसे पहले बात करें Telegram Channels की। इस प्लेटफॉर्म पर लाखों लोगों तक एक साथ जानकारी पहुंचाई जा सकती है। बड़े चैनल के जरिए कुछ ही मिनटों में कोई भी जानकारी तेजी से वायरल हो जाती है। यही वजह है कि गलत जानकारी और अफवाहें भी बड़ी तेजी से फैल सकती हैं।

दूसरा फीचर है Message Editing। Telegram में यूजर्स पुराने मैसेज को बाद में भी बदल सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस सुविधा का गलत इस्तेमाल करके परीक्षा खत्म होने के बाद फर्जी पेपर लीक के दावे तैयार किए जा सकते हैं।

तीसरा फीचर है Large File Sharing। Telegram यूजर्स को बड़ी साइज की वीडियो, PDF और अन्य दस्तावेज शेयर करने की सुविधा देता है। यह फीचर छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए उपयोगी है, लेकिन गलत हाथों में जाने पर इसका दुरुपयोग भी संभव है।

चौथा फीचर Anonymous Username है। Telegram पर कई लोग बिना अपना मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए केवल यूजरनेम के जरिए जुड़ सकते हैं। इससे यूजर्स की प्राइवेसी बढ़ती है, लेकिन जांच एजेंसियों के लिए संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाना मुश्किल हो सकता है।

पांचवां फीचर है Proxy और Privacy Tools। Telegram में ऐसे विकल्प मौजूद हैं जिनकी मदद से कुछ तकनीकी प्रतिबंधों को बायपास करने की कोशिश की जा सकती है। इसी वजह से यह ऐप कई देशों में समय-समय पर जांच के दायरे में आता रहा है।

इस पूरे विवाद के बीच Telegram के CEO पावेल दुरोव का बयान भी चर्चा में है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बड़ी कंपनियां विदेशी ऐप्स को ब्लॉक करने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

यह भी समझना जरूरी है कि Telegram के फीचर्स अपने आप में अवैध नहीं हैं। दुनिया भर में करोड़ों लोग इसका इस्तेमाल पढ़ाई, बिजनेस, ऑफिस कम्युनिकेशन और बड़े समुदायों तक जानकारी पहुंचाने के लिए करते हैं। समस्या तब पैदा होती है जब इन सुविधाओं का इस्तेमाल गलत उद्देश्यों के लिए किया जाता है।

फिलहाल सरकार ने साफ किया है कि यह स्थायी प्रतिबंध नहीं है। परीक्षा प्रक्रिया पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए यह फैसला लिया गया है। आने वाले दिनों में स्थिति की समीक्षा के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।

अगर आप Telegram यूजर हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है। आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और किसी भी तरह की अफवाह या अपुष्ट जानकारी को शेयर करने से बचें।

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