आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारत को 34 रन से हार का सामना करना पड़ा। यह किसी भी प्रारूप में आयरलैंड के खिलाफ भारत की पहली हार मानी जा रही है। मैच के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने टीम के प्रदर्शन पर खुलकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि क्रिकेट में किसी भी टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता और जीत के लिए हर खिलाड़ी को मैदान पर पूरी तैयारी और फोकस के साथ उतरना होगा।
श्रेयस अय्यर ने स्वीकार किया कि भारतीय गेंदबाजों ने मैच की शुरुआत शानदार अंदाज में की थी। शुरुआती ओवरों में गेंद को स्विंग और सीम मूवमेंट मिल रहा था, जिसका फायदा उठाते हुए टीम ने शुरुआती विकेट भी हासिल किए। लेकिन बीच के ओवरों में गेंदबाज अपनी रणनीति पर अमल नहीं कर सके और आयरलैंड के बल्लेबाजों को छोटे मैदान का फायदा उठाने का मौका मिल गया। उन्होंने कहा कि यदि टीम अपनी योजना के मुताबिक गेंदबाजी करती तो विपक्षी टीम को 140 रन के आसपास रोका जा सकता था।
मैच में आयरलैंड के लिए लोर्कन टकर और गैरेथ डेलानी ने महत्वपूर्ण पारियां खेलीं, जिससे टीम मजबूत स्कोर तक पहुंचने में सफल रही। जवाब में भारतीय बल्लेबाजी दबाव में बिखर गई। एक समय भारत की स्थिति संभली हुई दिखाई दे रही थी, लेकिन लगातार विकेट गिरने के कारण पूरी टीम 148 रन पर ऑलआउट हो गई और मुकाबला 34 रन से गंवा बैठी।
अय्यर ने कहा कि लंबे समय बाद टी20 क्रिकेट खेलने का असर भी टीम के प्रदर्शन पर देखने को मिला। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि भारतीय टीम इस हार से सीख लेकर अगले मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि हार से सबक लेना जरूरी है और अगले मैच में टीम पूरी ताकत और बेहतर रणनीति के साथ मैदान पर उतरेगी।
कप्तान ने तेज गेंदबाज हर्षित राणा और ऑलराउंडर शिवम दुबे की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ियों ने मुश्किल परिस्थितियों में अच्छी गेंदबाजी की। अय्यर ने बताया कि वह शिवम दुबे के खेल से अच्छी तरह परिचित हैं और घरेलू क्रिकेट से ही उन पर भरोसा करते रहे हैं। वहीं हर्षित राणा की चोट से वापसी के बाद की गेंदबाजी को भी उन्होंने शानदार बताया।
श्रेयस अय्यर ने अंत में पूरी टीम को एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि क्रिकेट में कोई भी मुकाबला आसान नहीं होता। किसी भी विरोधी टीम को हल्के में लेने की गलती नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैदान पर हर पल पूरी एकाग्रता के साथ खेलना, कड़ी मेहनत करना और मौके मिलने पर विपक्ष पर दबाव बनाना ही जीत की सबसे बड़ी कुंजी है। भारतीय टीम अब अगले टी20 मुकाबले में वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।


