31 अगस्त तक शिकार पर पूर्ण प्रतिबंध
नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई, डीएम ने जारी किए सख्त निर्देश
ललितपुर,= जनपद की मत्स्य संपदा के संरक्षण और मछलियों के प्राकृतिक प्रजनन को सुरक्षित रखने के लिए जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश द्वारा जारी आदेश के अनुसार 1 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक जिले के सभी तालाबों, जलाशयों, नदियों, नालों एवं प्राकृतिक जलधाराओं में मछलियों के शिकार (मत्स्याखेट) पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा। यह आदेश उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम, 1948 के प्रावधानों के तहत लागू किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य प्रजनन काल में मछलियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर जलीय जैव विविधता और मत्स्य संसाधनों का संरक्षण करना है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान कोई भी व्यक्ति विस्फोटक पदार्थ, जहरीले रसायन या कृषि कार्य में प्रयुक्त विषैले रसायनों का इस्तेमाल कर मछलियां नहीं पकड़ सकेगा। ऐसा करना दंडनीय अपराध माना जाएगा।
आदेश के अनुसार 15 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक 2 से 10 इंच आकार की मत्स्य जीरा एवं मत्स्य अंगुलिका को पकड़ना, बेचना, खरीदना या उनका परिवहन करना भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा प्रजननशील मछलियों के क्रय-विक्रय तथा आयात-निर्यात पर भी रोक लागू रहेगी।
प्राकृतिक जलधाराओं पर किसी भी प्रकार का अवरोध खड़ा करना या मछलियों के प्राकृतिक आवागमन में बाधा उत्पन्न करना भी प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों और आमजन से आदेश का कड़ाई से पालन करने की अपील की है।
जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम, 1948 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


