भारत को वैश्विक लॉजिस्टिक्स और एयर कार्गो सेक्टर में मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होने जा रही है। एयर कार्गो फोरम इंडिया (ACFI) अगले महीने 12 और 13 अगस्त को नई दिल्ली में अपना सातवां वैश्विक सम्मेलन आयोजित करेगा। इस सम्मेलन में देश-विदेश से हवाई मालवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के 700 से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।
सम्मेलन में वैश्विक व्यापार, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला, डिजिटल लॉजिस्टिक्स और बदलते कारोबारी माहौल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। आयोजन का मुख्य विषय रखा गया है “वैश्विक व्यापार की नई परिकल्पना: मजबूत आपूर्ति श्रृंखला के विकास में भारत की अग्रणी भूमिका”।
इस सम्मेलन में उद्योग जगत के विशेषज्ञ, नीति निर्माता, एयरलाइंस, एयरपोर्ट ऑपरेटर, टेक्नोलॉजी कंपनियां, निवेशक, लॉजिस्टिक्स कंपनियां और सप्लाई चेन से जुड़े कई प्रमुख प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका को और मजबूत करना तथा लॉजिस्टिक्स सेक्टर में नए अवसरों पर विचार करना है।
एयर कार्गो फोरम इंडिया देश के एयर कार्गो और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र का प्रमुख उद्योग संगठन है। यह सम्मेलन इस क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों के लिए विचार-विमर्श और सहयोग का महत्वपूर्ण मंच माना जाता है।
एसीएफआई के अध्यक्ष और जीएमआर समूह के कार्गो एवं लॉजिस्टिक्स व्यवसाय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव एडवर्ड ने कहा कि आज वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं केवल कम लागत और तेज डिलीवरी तक सीमित नहीं हैं। अब विश्वसनीयता, मजबूती और डिजिटल कनेक्टिविटी भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है।
उन्होंने कहा कि भारत के तेजी से विकसित हो रहे एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, बढ़ते विनिर्माण क्षेत्र और सरकार की नीतियों के कारण देश के पास वैश्विक लॉजिस्टिक्स हब बनने का बड़ा अवसर मौजूद है। यदि इन क्षेत्रों में लगातार सुधार जारी रहा, तो भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सप्लाई चेन का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सम्मेलन न केवल उद्योग जगत के बीच सहयोग बढ़ाते हैं, बल्कि नई तकनीकों, निवेश और नीतिगत सुधारों को भी गति देते हैं। इससे भारत के लॉजिस्टिक्स और एयर कार्गो सेक्टर को भविष्य में नई दिशा मिल सकती है।


