दिल्ली पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन में कारोबारी से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और फायरिंग की घटनाओं में कथित रूप से शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान जगदीश उर्फ जैक के रूप में हुई है, जिसे पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से पकड़ा गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह हैरी बॉक्सर–लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा संदिग्ध शूटर है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपी के खिलाफ आरोप अदालत में साबित होने बाकी हैं।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले की शुरुआत 12 जनवरी 2025 को हुई थी। दिल्ली के छावला इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी कि उसे एक विदेशी नंबर से धमकी भरा फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को गैंगस्टर हैरी बॉक्सर बताया और शिकायतकर्ता से कहा कि वह अपने कारोबारी परिचित से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी दिलवाए। धमकी में पैसे न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही गई थी।
शिकायत दर्ज होने के बाद दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में पुलिस को कई अहम सुराग मिले। इसी दौरान कारोबारी को डराने के उद्देश्य से कथित तौर पर दो बार फायरिंग की घटनाएं भी हुईं। पुलिस का कहना है कि इन घटनाओं का मकसद रंगदारी की मांग को और गंभीर बनाना था।
जांच के दौरान पुलिस को सबसे पहले इस मामले में विकास नाम के एक आरोपी का सुराग मिला। उसे उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने दूसरे आरोपी जगदीश उर्फ जैक की तलाश तेज कर दी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था ताकि गिरफ्तारी से बच सके। जांच टीम ने अलग-अलग राज्यों में उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और तकनीकी निगरानी के जरिए उसकी लोकेशन का पता लगाया। कई दिनों तक चले अभियान और लगभग 1500 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद आखिरकार पुलिस ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में उसे गिरफ्तार कर लिया।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गैंग का नेटवर्क कितना बड़ा है, इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा रंगदारी और फायरिंग की घटनाओं में किसकी क्या भूमिका रही।
जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस गैंग का संबंध अन्य राज्यों में हुई आपराधिक घटनाओं से भी है। पुलिस डिजिटल सबूत, मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी जानकारियों की भी जांच कर रही है।
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में देश के कई राज्यों में संगठित अपराध और रंगदारी से जुड़े मामलों में विभिन्न गैंगों के नाम सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है।
फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे और खुलासे हो सकते हैं। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया के तहत किसी भी आरोपी को तब तक दोषी नहीं माना जाता, जब तक अदालत में आरोप सिद्ध न हो जाएं।
अब सभी की नजर पुलिस की आगे की जांच पर है, जिससे यह साफ हो सकेगा कि इस कथित रंगदारी नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल थे और इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड कौन है।


