उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील खा रहे बच्चों पर एक संदिग्ध पागल कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। इस घटना में दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और बच्चे अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
यह घटना बरगढ़ थाना क्षेत्र के बोझफार्म कंपोजिट प्राथमिक विद्यालय की बताई जा रही है। इसी परिसर में एक आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित होता है। जानकारी के अनुसार, दोपहर के समय बच्चे स्कूल में मिड-डे मील खा रहे थे। तभी अचानक एक संदिग्ध कुत्ता स्कूल परिसर में घुस आया और बच्चों पर हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुत्ते ने बिना किसी उकसावे के बच्चों को निशाना बनाया। हमले में कक्षा दो के छात्र श्याम और आंगनबाड़ी में पढ़ने वाली मासूम जानवी गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों बच्चों को शरीर के अलग-अलग हिस्सों में गहरे घाव आए, जिससे स्कूल में मौजूद शिक्षक और कर्मचारी भी घबरा गए।
घटना के तुरंत बाद स्कूल स्टाफ और स्थानीय लोगों ने किसी तरह कुत्ते को वहां से भगाया और घायल बच्चों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। डॉक्टरों ने बच्चों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बाद में बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र भेजे जाने की भी जानकारी सामने आई।
घटना के बाद पूरे गांव और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। अभिभावकों में भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कुत्ते को नहीं भगाया जाता, तो और भी बच्चे उसकी चपेट में आ सकते थे।
इस घटना के बाद शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जाएगा कि स्कूल परिसर में आवारा या संदिग्ध कुत्ता कैसे पहुंचा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को संदिग्ध रेबीज संक्रमित कुत्ता काट ले, तो घाव को तुरंत बहते पानी और साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए और बिना देर किए अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर की सलाह के अनुसार एंटी-रेबीज वैक्सीन और आवश्यक उपचार लेना चाहिए। समय पर इलाज रेबीज जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि यदि क्षेत्र में कोई संदिग्ध या आक्रामक व्यवहार करने वाला आवारा कुत्ता दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
फिलहाल दोनों घायल बच्चों का इलाज जारी है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वहीं प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और घटना के कारणों का पता लगाने में जुटा है।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर आवारा जानवरों से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।


