रिपोर्ट: गाजियाबाद
दिल्ली-एनसीआर से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में लगातार हो रही बारिश के बीच हिंडन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी के उफान पर आने से तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। कई रिहायशी कॉलोनियों में नदी का पानी पहुंच चुका है, जबकि प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सिटी फॉरेस्ट को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, हिंडन नदी का बढ़ता जलस्तर करहेड़ा, न्यू करहेड़ा, शिवम एन्क्लेव, कृष्णा कॉलोनी और नूरनगर श्मशान घाट के आसपास के इलाकों को प्रभावित कर रहा है। इन क्षेत्रों में करीब 150 से अधिक मकानों के आसपास और कई जगह घरों के भीतर तक पानी पहुंचने की सूचना है। इससे स्थानीय लोगों के सामने रोजमर्रा की जिंदगी चलाना मुश्किल हो गया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है। कई परिवारों ने बताया कि नदी का पानी अब उनके घरों तक पहुंच गया है, जिससे उन्हें अपने सामान की सुरक्षा और परिवार की चिंता सता रही है। कुछ लोगों को घरों के बाहर सुरक्षित स्थानों पर रहने की नौबत भी आ गई है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से नदी के किनारे जाने से बचने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। साथ ही राहत और बचाव दलों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सिटी फॉरेस्ट में पानी भर जाने के कारण उसे अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि जब तक जलस्तर सामान्य नहीं हो जाता, तब तक पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए वहां प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि हिंडन नदी की समय पर सफाई नहीं होने और नदी में फैली जलकुंभी के कारण पानी का बहाव कई स्थानों पर बाधित हो जाता है। खासकर लोहे के पुल के पास जलकुंभी और गाद जमा होने से पानी तेजी से आसपास की आबादी की ओर फैलने लगता है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नदी की सफाई और रखरखाव किया जाता, तो ऐसी स्थिति से काफी हद तक बचा जा सकता था।
मौसम विभाग के अनुसार, यदि आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला जारी रहता है, तो नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रशासन भी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और आवश्यक कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बाढ़ जैसी परिस्थितियों में लोगों को अफवाहों से बचना चाहिए और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करना चाहिए। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखना चाहिए।
निष्कर्ष
गाजियाबाद में हिंडन नदी का बढ़ता जलस्तर प्रशासन और स्थानीय लोगों दोनों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। 150 से अधिक मकानों तक पानी पहुंचने और सिटी फॉरेस्ट बंद होने से स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। फिलहाल प्रशासन राहत और बचाव की तैयारियों में जुटा है, जबकि लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही हालात सामान्य होंगे।


