उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक की पीठ में चाकू घोंप दिया गया। हैरानी की बात यह रही कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद युवक हिम्मत नहीं हारा और उसी हालत में सीधे पुलिस थाने पहुंच गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
घटना बलिया जिले के सुखपुरा थाना क्षेत्र स्थित देवकली मोड़ की बताई जा रही है। घायल युवक की पहचान रितेश तिवारी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, रितेश पर बाइक सवार कुछ अज्ञात बदमाशों ने अचानक हमला कर दिया। हमलावरों ने उसकी पीठ में चाकू घोंप दिया और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। हमले के बाद चाकू उसकी पीठ में ही फंसा रह गया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई।
गंभीर चोट लगने के बावजूद रितेश तिवारी ने हिम्मत दिखाई और सीधे सुखपुरा थाने पहुंच गया। थाने में मौजूद लोगों ने उसकी पीठ में धंसे चाकू का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि वह पुलिसकर्मियों से बातचीत कर रहा है और अपनी आपबीती बता रहा है।
वायरल वीडियो में रितेश तिवारी यह आरोप भी लगाता दिखाई देता है कि वह पिछले 15 दिनों से लगातार शिकायत कर रहा था, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उसने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित चौकी प्रभारी ने कार्रवाई करने के बजाय रिश्वत लेकर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की ओर से भी इस संबंध में विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया, जहां उसका उपचार जारी है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत दो लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने भी लोगों का ध्यान इस मामले की ओर खींचा है।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की भी जांच की जाएगी। यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही या अन्य अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, पुलिस हमलावरों की पहचान और हमले के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी हुई है।


