आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी, देर रात तक जागना, लगातार मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल, तनाव और नींद की कमी के कारण आंखों के नीचे काले घेरे (Dark Circles) और सूजन (Puffiness) की समस्या आम हो गई है। आंखों के नीचे की त्वचा चेहरे के बाकी हिस्सों की तुलना में अधिक पतली और नाजुक होती है। ऐसे में केवल सामान्य फेस क्रीम का इस्तेमाल हमेशा पर्याप्त नहीं होता। इसी वजह से Under Eye Patches तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
अंडर आई पैचेज छोटे जेल या शीट पैच होते हैं, जिन्हें आंखों के नीचे लगाया जाता है। इनमें आमतौर पर हायल्यूरोनिक एसिड, कैफीन, कोलेजन, एलोवेरा, विटामिन-सी, पेप्टाइड्स और ग्रीन टी एक्सट्रैक्ट जैसे तत्व पाए जाते हैं। ये त्वचा को हाइड्रेट रखने, सूजन कम करने और आंखों के नीचे की त्वचा को तरोताजा महसूस कराने में मदद कर सकते हैं।
इन पैचेज में मौजूद कैफीन और विटामिन-सी त्वचा की रंगत को निखारने और डार्क सर्कल्स की उपस्थिति को कम करने में सहायक माने जाते हैं। वहीं एलोवेरा और ग्रीन टी एक्सट्रैक्ट त्वचा को ठंडक पहुंचाकर सूजन कम करने में मदद करते हैं। हायल्यूरोनिक एसिड त्वचा में नमी बनाए रखने में सहायक होता है, जबकि कोलेजन और पेप्टाइड्स त्वचा को मुलायम और स्मूद दिखाने में योगदान दे सकते हैं।
अंडर आई पैच लगाने से पहले चेहरे को अच्छी तरह फेस वॉश से साफ कर लें, ताकि त्वचा पर मौजूद धूल, तेल और मेकअप पूरी तरह हट जाए। इसके बाद चाहें तो टोनर का इस्तेमाल करें, जिससे त्वचा तैयार हो सके। कई लोग पैच लगाने से पहले उन्हें कुछ मिनट के लिए फ्रिज में रखते हैं, क्योंकि ठंडे पैच आंखों को अधिक ताजगी का एहसास करा सकते हैं।
अब पैच को सावधानी से आंखों के नीचे लगाएं और लगभग 15 से 20 मिनट तक लगा रहने दें। इसके बाद पैच हटाकर त्वचा पर बचे सीरम को उंगलियों से हल्के-हल्के थपथपाते हुए त्वचा में समाने दें। अंत में हल्की अंडर आई क्रीम या मॉइस्चराइज़र लगाने से नमी लंबे समय तक बनी रह सकती है।
यदि आपके पास अंडर आई पैच उपलब्ध नहीं हैं, तो घरेलू विकल्प के तौर पर ठंडी खीरे की स्लाइस, ठंडे ग्रीन टी बैग्स या एलोवेरा जेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। ये उपाय आंखों को ठंडक पहुंचाने और थकान कम महसूस कराने में मदद कर सकते हैं।
ध्यान रखें कि यदि डार्क सर्कल्स, सूजन या आंखों से जुड़ी कोई समस्या लंबे समय तक बनी रहती है या लगातार बढ़ रही है, तो केवल ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है।


