मुंबई। महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले में भिवंडी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे इस हाई-प्रोफाइल मामले के कथित मास्टरमाइंड समेत दो मुख्य आरोपियों को बिहार से गिरफ्तार किया गया है। इन गिरफ्तारियों के साथ ही इस मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान बिजेंद्र कुमार गुप्ता और उसके सहयोगी इंद्रजीत सिन्हा के रूप में हुई है। दोनों पर महाराष्ट्र TET परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने की साजिश में अहम भूमिका निभाने का आरोप है। काफी समय से दोनों की तलाश की जा रही थी, जिसके बाद भिवंडी पुलिस ने बिहार में कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
जांच एजेंसियों का मानना है कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी से पूरे पेपर लीक नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना बढ़ गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल थे, प्रश्नपत्र किस तरह लीक किया गया और इसके जरिए कितने अभ्यर्थियों तक पेपर पहुंचाया गया।
महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामला पहले ही राज्य की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर चुका है। इस मामले के सामने आने के बाद परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई थी। अब मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को संकेत मिले हैं कि यह पूरा मामला किसी संगठित गिरोह से जुड़ा हो सकता है। इसी वजह से जांच एजेंसियां वित्तीय लेन-देन, डिजिटल रिकॉर्ड और आरोपियों के आपसी संपर्कों की भी गहन जांच कर रही हैं, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
भिवंडी पुलिस का कहना है कि मामले में जांच अभी जारी है और यदि पूछताछ के दौरान नए नाम सामने आते हैं तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में और कौन से बड़े खुलासे सामने आते हैं। पुलिस का दावा है कि पूरे पेपर लीक रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।


