अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने साइबर अपराधों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए नई वीज़ा नीति की घोषणा की है। नई नीति के तहत साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी, जबरन वसूली और अन्य साइबर अपराधों में कथित रूप से शामिल विदेशी नागरिकों के साथ-साथ उनके करीबी परिवार के सदस्यों पर भी अमेरिकी वीज़ा प्रतिबंध लगाया जा सकता है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करना है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कि यह नई नीति इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट के प्रावधानों के तहत लागू की जा रही है। उनके अनुसार, साइबर अपराधों के कारण अमेरिकी नागरिकों को हर साल अरबों डॉलर का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसलिए ऐसे अपराधों में शामिल लोगों को जवाबदेह ठहराने के लिए प्रशासन सभी उपलब्ध कानूनी और कूटनीतिक उपायों का उपयोग करेगा।
मार्को रुबियो ने कहा कि यह फैसला साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि वीज़ा प्रतिबंधों के अलावा आर्थिक प्रतिबंध, आपराधिक मुकदमे, संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई, प्रत्यर्पण की मांग और अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग जैसे कदम भी उठाए जाएंगे। प्रशासन का उद्देश्य साइबर अपराध नेटवर्क को कमजोर करना और उन्हें संचालित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है।
यह नई नीति राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मार्च में जारी किए गए एक कार्यकारी आदेश के बाद सामने आई है। उस आदेश में साइबर फ्रॉड से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई को प्राथमिकता देने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय आपराधिक संगठनों के खिलाफ कड़े कदम उठाने की बात कही गई थी। साथ ही यह भी संकेत दिया गया था कि जो देश ऐसे नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं करेंगे, उन्हें अमेरिकी प्रतिबंधों, वीज़ा पाबंदियों और अन्य कूटनीतिक कदमों का सामना करना पड़ सकता है।
अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, वर्ष 2024 में साइबर धोखाधड़ी के कारण अमेरिकी नागरिकों को 12.5 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ। अधिकारियों का कहना है कि इन अपराधों से सबसे अधिक प्रभावित वर्गों में वरिष्ठ नागरिक भी शामिल हैं, जिन्हें ऑनलाइन ठगी का अक्सर निशाना बनाया जाता है।
नई नीति के तहत इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट की धारा 212(a)(3)(C) का इस्तेमाल किया जाएगा। इस प्रावधान के अनुसार यदि किसी विदेशी नागरिक का अमेरिका में प्रवेश अमेरिकी विदेश नीति के हितों के प्रतिकूल माना जाता है, तो उसे वीज़ा देने से इनकार किया जा सकता है।
नीति के अनुसार, साइबर स्कैम, ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी, सेक्सटॉर्शन और अन्य साइबर अपराधों में कथित रूप से शामिल या उनकी सहायता करने वाले विदेशी नागरिक अमेरिकी वीज़ा के लिए अयोग्य घोषित किए जा सकते हैं। इसके अलावा, कुछ मामलों में उनके करीबी परिवार के सदस्यों पर भी वीज़ा प्रतिबंध लागू हो सकता है। हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह नीति किसी विशेष देश या नागरिकता को लक्षित नहीं करती, बल्कि वैश्विक स्तर पर लागू होने वाला एक सुरक्षा उपाय है।
अमेरिकी सरकार का कहना है कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। इसके तहत विभिन्न देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर साइबर अपराध नेटवर्क की पहचान, जांच और कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इस रणनीति से वैश्विक स्तर पर साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।


