महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर विवाद गहरा गया है। कांग्रेस द्वारा डिप्टी मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को लेकर की गई टिप्पणी के बाद राज्य में सियासी माहौल गरमा गया है। इस मामले पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। वहीं कांग्रेस ने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा है कि उसकी टिप्पणी किसी भी तरह से असंसदीय नहीं है।
विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया। वीडियो में बीड़ जिले की कानून-व्यवस्था से जुड़े सवाल पर धनंजय मुंडे पत्रकारों के सवालों का जवाब देते दिखाई दिए, जबकि सुनेत्रा पवार बिना कोई प्रतिक्रिया दिए वहां से चली गईं। इसके बाद कांग्रेस ने सोशल मीडिया पोस्ट में सवाल उठाते हुए पूछा कि सुनेत्रा पवार आखिर कब तक “गूंगी गुड़िया” बनी रहेंगी।
कांग्रेस की इस टिप्पणी पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल प्रचार पाने के लिए राजनीति का स्तर गिरा रही है। उनके मुताबिक, महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति में इस तरह की व्यक्तिगत और आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए कोई स्थान नहीं है।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी कांग्रेस की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि यह केवल सुनेत्रा पवार का नहीं, बल्कि राज्य की सभी महिलाओं का अपमान है। उन्होंने राजनीतिक दलों से सार्वजनिक जीवन में मर्यादा बनाए रखने की अपील की।
इस विवाद में एनसीपी भी कांग्रेस के खिलाफ खुलकर सामने आई। पार्टी के प्रवक्ता उमेश पाटिल ने कहा कि कांग्रेस को यह याद रखना चाहिए कि अतीत में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी इसी तरह के तंज का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने अपने नेतृत्व और कार्यों से उन आलोचनाओं का जवाब दिया था।
वहीं, धनंजय मुंडे ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी सुनेत्रा पवार के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव से घबराई हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष राजनीतिक मुद्दों की बजाय व्यक्तिगत टिप्पणियों के जरिए चर्चा में बने रहने की कोशिश कर रहा है।
दूसरी ओर, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने पार्टी के रुख का बचाव किया। उन्होंने कहा कि “गूंगी गुड़िया” शब्द असंसदीय नहीं है और इसे राजनीतिक टिप्पणी के रूप में इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सुनेत्रा पवार को भी अपने काम और नेतृत्व के जरिए अपनी पहचान बनानी चाहिए।
इसी दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई पुलिस से जुड़े कथित पेरोल घोटाले और सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट में दान से जुड़े आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में शिकायतें और साक्ष्य हैं, उनकी जांच पहले से चल रही है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस पूरे विवाद ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक ओर सत्ता पक्ष कांग्रेस पर राजनीतिक मर्यादा तोड़ने का आरोप लगा रहा है, तो दूसरी ओर कांग्रेस अपने बयान को उचित ठहरा रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।


