श्रीलंका में पूर्व मंत्री केहेलिया रामबुकवेला एक बार फिर कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं। भ्रष्टाचार और साजिश से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में उन्हें गिरफ्तार किया गया। भ्रष्टाचार निरोधक आयोग ने उनकी गिरफ्तारी की जानकारी दी। हालांकि, गिरफ्तारी के बाद अदालत ने दोनों मामलों में उन्हें जमानत दे दी। कोलंबो के मुख्य मजिस्ट्रेट ने पूर्व मंत्री को पांच-पांच लाख श्रीलंकाई रुपये के दो मुचलकों पर रिहा करने का आदेश दिया।
भ्रष्टाचार निरोधक संस्था सीआईएबीओसी के मुताबिक, रामबुकवेला को मंगलवार को दो अलग-अलग मामलों में हिरासत में लिया गया था। इनमें पहला मामला उस समय से जुड़ा है, जब वह श्रीलंका के जनसंचार मंत्री के पद पर थे। आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान सरकारी श्रीलंका रूपवाहिनी कॉर्पोरेशन में निर्धारित कर्मचारी संख्या से अधिक छह लोगों की कथित तौर पर भर्ती की गई।
जांच एजेंसी का आरोप है कि सरकारी संस्था में इन अतिरिक्त नियुक्तियों को नियमों के विपरीत किया गया। इस मामले में रामबुकवेला की कथित भूमिका की जांच की गई और इसी आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। सरकारी संस्थानों में नियुक्तियों को लेकर नियमों के उल्लंघन का मामला श्रीलंका में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं की जांच के दायरे में आता है।
दूसरा मामला एक ऐतिहासिक और पुरातात्विक कलाकृति से जुड़ा है। सीआईएबीओसी के अनुसार, कैंडी साम्राज्य के अंतिम सिंहली राजा श्री वीरा पराक्रम नरेंद्रसिंघा के महल से संदकदा पहाना नाम की ऐतिहासिक कलाकृति चोरी होने की जांच में कथित तौर पर हस्तक्षेप करने का आरोप रामबुकवेला पर है। संदकदा पहाना श्रीलंका की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी कलाकृति मानी जाती है।
इसी मामले में जांच को प्रभावित करने या उसमें हस्तक्षेप करने के आरोपों की भी पड़ताल की गई। जांच एजेंसी ने दोनों मामलों को अलग-अलग मानते हुए पूर्व मंत्री को गिरफ्तार किया। हालांकि, गिरफ्तारी के बाद अदालत ने उन्हें लंबे समय तक हिरासत में रखने के बजाय जमानत पर रिहा करने का फैसला किया।
कोलंबो के मुख्य मजिस्ट्रेट ने दोनों मामलों में पांच-पांच लाख श्रीलंकाई रुपये के अलग-अलग मुचलके पर रामबुकवेला को जमानत दी। अदालत से जमानत मिलने के बाद फिलहाल वह इन मामलों में जेल से बाहर रहेंगे, लेकिन कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। जमानत मिलने का अर्थ आरोपों से बरी होना नहीं है और मामलों में अदालत के सामने आगे की कार्रवाई जारी रह सकती है।
केहेलिया रामबुकवेला इससे पहले भी कई गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। फरवरी 2024 में उन्हें स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए भारतीय ऋण सुविधा के इस्तेमाल से घटिया दवाओं की कथित खरीद और उससे जुड़े फर्जीवाड़े के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले ने श्रीलंका की स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी खरीद प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े किए थे।
इसके बाद मई 2025 में रामबुकवेला को एक और मामले में गिरफ्तार किया गया। उन पर मंत्रालय में कर्मचारियों की कथित गैरकानूनी भर्ती करने और इससे सरकारी खजाने को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए थे। इस मामले में भी उनकी भूमिका को लेकर जांच की गई थी।
जून 2025 में भी पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी हुई थी। उस समय मामला कथित धनशोधन और बिना घोषित संपत्ति से जुड़ा था। इस तरह मौजूदा दो मामलों की गिरफ्तारी से पहले भी रामबुकवेला कई बार जांच एजेंसियों की कार्रवाई का सामना कर चुके हैं।
रामबुकवेला की लगातार कानूनी मुश्किलें श्रीलंका में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच सामने आ रही हैं। देश में सरकारी पदों पर रहे लोगों के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार, सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग और आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जांच की जा रही है। हालांकि, किसी भी मामले में आरोप साबित होने से पहले आरोपी को दोषी नहीं माना जा सकता।
फिलहाल रामबुकवेला को दोनों नए मामलों में अदालत से जमानत मिल गई है। अब जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई और अदालत में होने वाली सुनवाई पर नजर रहेगी। इन मामलों में अंतिम फैसला आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों को कानूनी तौर पर किस तरह देखा जाता है।


