जोमैटो के को-फाउंडर दीपेंदर गोयल ने अपने नए हेल्थ-टेक वियरेबल डिवाइस Temple को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने संकेत दिया है कि इस डिवाइस की डिलीवरी 2026 के आखिर से पहले शुरू की जा सकती है। इसके साथ ही Temple को लेकर लोगों की दिलचस्पी और बढ़ गई है।
दीपेंदर गोयल ने सोशल मीडिया पोस्ट में Temple की नई तस्वीर शेयर करते हुए बताया कि डिवाइस का आकार पहले दिखाए गए मॉडल की तुलना में आधे से भी कम हो गया है। यानी कंपनी अब इसे काफी कॉम्पैक्ट रूप में पेश करने की तैयारी कर रही है।
Temple को एक हेल्थ-टेक डिवाइस के तौर पर विकसित किया जा रहा है। कंपनी के दावों के मुताबिक, इसका उद्देश्य शरीर की मेटाबॉलिक स्थिति को रियल टाइम में मॉनिटर करना है। इसे गाल, माथे और कान के बीच के हिस्से के पास लगाया जा सकता है।
दीपेंदर गोयल के मुताबिक, Temple सिर्फ सामान्य फिटनेस ट्रैकर की तरह काम करने वाला डिवाइस नहीं होगा। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से यूजर की शारीरिक और मानसिक स्थिति से जुड़े अलग-अलग पैटर्न को समझने की कोशिश की जाएगी।
Temple की सबसे ज्यादा चर्चा इसके ब्रेन ब्लड फ्लो मॉनिटरिंग फीचर को लेकर हो रही है। कंपनी के दावों के अनुसार, डिवाइस दिमाग में रक्त प्रवाह से जुड़े पैटर्न को रियल टाइम में समझने की दिशा में काम करेगा। इससे भविष्य में फोकस, तनाव और नींद जैसी चीजों को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, Temple के सभी सेंसर और तकनीकी स्पेसिफिकेशन अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। रिपोर्ट्स में डिवाइस में चार सेंसर होने की बात कही जा रही है, लेकिन इन सेंसर की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इसलिए इसके वास्तविक प्रदर्शन को लेकर तस्वीर आधिकारिक लॉन्च के बाद ही स्पष्ट होगी।
दीपेंदर गोयल ने यह भी संकेत दिया है कि Temple को शुरुआत में बड़े पैमाने पर बाजार में नहीं उतारा जाएगा। कंपनी सीमित संख्या में डिवाइस उपलब्ध कराने की योजना बना रही है। शुरुआत में कुछ हजार यूनिट तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है।
Temple के लिए प्री-ऑर्डर भी जल्द शुरू किए जाने की बात कही गई है। कंपनी के मुताबिक, लिमिटेड लॉन्च एडिशन के लिए प्री-ऑर्डर लेने की तैयारी चल रही है और इसकी डिलीवरी 2026 के अंत से पहले शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
कंपनी की योजना सिर्फ भारतीय बाजार तक सीमित रहने की नहीं है। Temple को आगे ग्लोबल मार्केट्स में भी लॉन्च किए जाने की बात कही गई है। अगर डिवाइस अपने दावों के मुताबिक काम करती है, तो यह वियरेबल हेल्थ-टेक मार्केट में एक अलग तरह का विकल्प बन सकती है।
फिलहाल Temple को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि इसके वास्तविक फीचर्स, कीमत, बैटरी, सेंसर की क्षमता और डेटा की सटीकता क्या होगी। इन सवालों के जवाब प्री-ऑर्डर और आधिकारिक लॉन्च के दौरान ज्यादा स्पष्ट हो सकते हैं।
दीपेंदर गोयल का दावा है कि Temple के साथ रहना और ट्रेनिंग करना लोगों के लिए बड़ा बदलाव ला सकता है। अब देखना होगा कि यह कॉम्पैक्ट हेल्थ-टेक डिवाइस बाजार में आने के बाद अपने बड़े दावों पर कितनी खरी उतरती है।


