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बिजली बिल होगा आधा! अपनाएं ये 5 आसान तरीके और बचाएं हजारों रुपये

बारिश और उमस के मौसम में बिजली की खपत अचानक बढ़ जाती है। पंखा, कूलर, एसी, फ्रिज और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगातार चलते रहते हैं और महीने के आखिर में बिजली का बिल देखकर बजट बिगड़ जाता है। लेकिन अगर कुछ छोटी-छोटी आदतों में बदलाव किया जाए तो बिजली की खपत को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए आपको अपनी सुविधाओं से समझौता करने की जरूरत नहीं है, बल्कि सही तरीके से बिजली का इस्तेमाल करना जरूरी है।

सबसे पहले बात करते हैं उन उपकरणों की जो घर में सबसे ज्यादा बिजली खर्च करते हैं। पुराने एसी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और दूसरे उपकरण अक्सर नए ऊर्जा-कुशल मॉडल की तुलना में ज्यादा बिजली खपत कर सकते हैं। इसलिए जब भी नया उपकरण खरीदें तो उसकी स्टार रेटिंग जरूर देखें। 5-स्टार रेटिंग वाले उपकरण आमतौर पर ज्यादा ऊर्जा-कुशल होते हैं। खासतौर पर इनवर्टर तकनीक वाले एसी और फ्रिज जरूरत के हिसाब से अपनी क्षमता को एडजस्ट कर सकते हैं, जिससे अनावश्यक बिजली की खपत कम हो सकती है।

घर की लाइटिंग पर भी ध्यान देना बेहद जरूरी है। अगर आपके घर में अभी भी पुराने बल्ब या ज्यादा बिजली खपत करने वाली लाइटें लगी हैं तो उन्हें एलईडी से बदलना फायदेमंद हो सकता है। एलईडी बल्ब कम बिजली में अच्छी रोशनी देते हैं और लंबे समय तक चलते हैं। इसके अलावा जिस कमरे में कोई मौजूद न हो, वहां की लाइट और पंखा बंद रखने की आदत डालें। छोटी लगने वाली यही आदत पूरे महीने में बिजली की खपत को कम कर सकती है।

अब बात उस बिजली की, जो उपकरण बंद होने के बाद भी कुछ परिस्थितियों में खर्च होती रहती है। इसे आमतौर पर स्टैंडबाय या फैंटम लोड कहा जाता है। टीवी, सेट-टॉप बॉक्स, माइक्रोवेव, चार्जर, कंप्यूटर और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सिर्फ रिमोट से बंद करने के बजाय जरूरत न होने पर उनके प्लग या स्विच को पूरी तरह बंद करना बेहतर है। खासकर ऐसे उपकरण जिन्हें लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं किया जाना है, उन्हें मेन स्विच से बंद कर दें।

मोबाइल और लैपटॉप चार्ज करने के बाद चार्जर को सॉकेट में लगा छोड़ना भी अच्छी आदत नहीं है। हालांकि आधुनिक चार्जर की खपत आमतौर पर बहुत कम होती है, लेकिन घर में कई उपकरण लगातार स्टैंडबाय मोड में रहने पर कुल खपत बढ़ सकती है। इसलिए इस्तेमाल पूरा होने के बाद स्विच बंद करने की आदत डालना बेहतर है।

एसी का इस्तेमाल करते समय भी थोड़ी सावधानी आपके बिल को कम कर सकती है। एसी को बहुत कम तापमान पर चलाने के बजाय आरामदायक तापमान पर रखें और कमरे के दरवाजे-खिड़कियां ठीक से बंद रखें। एसी के फिल्टर को समय-समय पर साफ करना भी जरूरी है, क्योंकि गंदे फिल्टर के कारण मशीन को कमरे को ठंडा करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है।

इसी तरह फ्रिज को बार-बार खोलना और उसमें गर्म खाना तुरंत रख देना भी ऊर्जा की खपत बढ़ा सकता है। फ्रिज को सीधे धूप या गर्म जगह पर रखने से बचें और उसके दरवाजे की रबर सील ठीक है या नहीं, यह भी समय-समय पर जांचते रहें। छोटे-छोटे रखरखाव से उपकरण बेहतर तरीके से काम कर सकते हैं।

अगर आप लंबे समय के लिए बिजली के खर्च को कम करना चाहते हैं तो रूफटॉप सोलर भी एक विकल्प हो सकता है। घर की छत पर सोलर पैनल लगाकर सूर्य की रोशनी से बिजली पैदा की जा सकती है। इससे ग्रिड से ली जाने वाली बिजली की जरूरत कम हो सकती है। पात्र उपभोक्ताओं को सरकार की योजनाओं के तहत सब्सिडी का लाभ भी मिल सकता है, हालांकि सब्सिडी और पात्रता आपके राज्य और मौजूदा योजना के नियमों पर निर्भर करती है।

सोलर लगवाने से पहले अपनी औसत बिजली खपत, छत पर उपलब्ध जगह, सिस्टम की क्षमता और इंस्टॉलेशन की लागत को जरूर समझें। केवल यह देखकर फैसला न लें कि सोलर लगाते ही बिजली का बिल पूरी तरह खत्म हो जाएगा। सही सिस्टम और सही उपयोग से लंबे समय में बिजली के खर्च में अच्छी बचत जरूर हो सकती है।

तो अगर हर महीने आने वाला बिजली का बिल आपके बजट को बिगाड़ रहा है, तो आज से ही इन आदतों पर ध्यान देना शुरू कर दीजिए। ऊर्जा-कुशल उपकरणों का इस्तेमाल, एलईडी लाइट, अनावश्यक स्विच बंद करना, एसी और फ्रिज का सही इस्तेमाल और जरूरत के मुताबिक रूफटॉप सोलर जैसे विकल्प आपके बिजली खर्च को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि बिजली बचाने के लिए आराम छोड़ने की जरूरत नहीं, बल्कि बिजली का इस्तेमाल समझदारी से करने की जरूरत है।

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