भारतीय शतरंज के युवा सितारे आर प्रज्ञाननंदा ने ग्रैंड शतरंज टूर के ग्रैंड फिनाले में अपनी जगह पक्की कर ली है। जर्मनी के विंसेंट कीमर के खिलाफ प्रज्ञाननंदा ने ऐसा शानदार प्रदर्शन किया कि मुकाबला लगभग एकतरफा नजर आया। भारतीय ग्रैंडमास्टर ने कीमर को कुल 19-9 के बड़े अंतर से हराकर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया है।
प्रज्ञाननंदा ने इस मुकाबले की शुरुआत से ही अपनी रणनीति का शानदार प्रदर्शन किया। दूसरे क्लासिकल गेम में जीत हासिल करने के बाद उन्होंने कीमर के खिलाफ छह अंकों की बढ़त बना ली थी। इसके बाद रैपिड गेम्स में भी भारतीय खिलाड़ी का दबदबा जारी रहा और उन्होंने लगातार दो मुकाबले जीतकर अपनी बढ़त को 17-3 तक पहुंचा दिया।
यहां से कीमर के लिए वापसी करना लगभग नामुमकिन हो गया था। प्रज्ञाननंदा ने इसके बाद ब्लिट्ज के पहले गेम में भी जीत दर्ज की और अपनी बढ़त को 19 अंकों तक पहुंचा दिया। इस जीत के साथ भारतीय खिलाड़ी ने फाइनल में अपनी जगह पूरी तरह पक्की कर ली।
हालांकि विंसेंट कीमर ने हार मानने के बजाय आखिरी चरण में जोरदार वापसी की कोशिश की। उन्होंने लगातार तीन ब्लिट्ज गेम जीतकर प्रज्ञाननंदा के खिलाफ अंतर जरूर कम किया, लेकिन तब तक भारतीय खिलाड़ी फाइनल में पहुंचने के लिए जरूरी बढ़त हासिल कर चुके थे। कीमर की यह वापसी सिर्फ हार के अंतर को कम कर सकी।
अब प्रज्ञाननंदा के सामने फाइनल में सबसे बड़ी चुनौती अमेरिका के स्टार खिलाड़ी फैबियानो कारुआना की होगी। कारुआना मौजूदा चैंपियन हैं और उन्होंने भी अपने सेमीफाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए अमेरिकी खिलाड़ी वेस्ली सो को 18-9 से हराकर फाइनल में जगह बनाई है।
कारुआना ने खासतौर पर ब्लिट्ज मुकाबलों में अपनी ताकत दिखाई। उन्होंने मिले मौकों का पूरा फायदा उठाया और वेस्ली सो के खिलाफ मुकाबले को अपने पक्ष में कर लिया। अब फाइनल में दुनिया के दो बेहद मजबूत खिलाड़ियों के बीच होने वाली भिड़ंत पर सभी की नजरें टिकी हैं।
प्रज्ञाननंदा के लिए यह फाइनल इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि सामने सिर्फ एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि मौजूदा चैंपियन कारुआना होंगे। कारुआना अनुभव और तकनीकी मजबूती के लिए जाने जाते हैं, जबकि प्रज्ञाननंदा अपनी आक्रामक शैली, तेज गणना और दबाव में बेहतरीन फैसले लेने की क्षमता के लिए पहचाने जाते हैं।
भारतीय फैंस की नजरें अब इस महामुकाबले पर होंगी। प्रज्ञाननंदा अगर कारुआना को हराने में कामयाब होते हैं तो यह उनके करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो सकता है। वहीं कारुआना अपने खिताब को बचाने के इरादे से बोर्ड पर उतरेंगे।
ग्रैंड शतरंज टूर के इस फाइनल की कुल पुरस्कार राशि 4 लाख 50 हजार अमेरिकी डॉलर है। इसमें विजेता खिलाड़ी को 2 लाख अमेरिकी डॉलर की बड़ी इनामी राशि मिलेगी, जबकि फाइनल हारने वाले खिलाड़ी को 1 लाख 25 हजार अमेरिकी डॉलर मिलेंगे। यानी खिताब के साथ-साथ खिलाड़ियों के लिए बड़ी पुरस्कार राशि भी दांव पर लगी है।
वहीं तीसरे स्थान के प्लेऑफ में विंसेंट कीमर का मुकाबला वेस्ली सो से होगा। इस मुकाबले का महत्व भी कम नहीं है, क्योंकि प्रतियोगिता में शीर्ष तीन स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ियों को अगले साल होने वाले ग्रैंड शतरंज टूर के लिए सीधे क्वालीफाई करने का मौका मिलेगा।
प्रज्ञाननंदा ने जिस अंदाज में सेमीफाइनल में कीमर को हराया है, उससे उनकी तैयारी और आत्मविश्वास दोनों का अंदाजा लगाया जा सकता है। अब उनके सामने सबसे कठिन परीक्षा होगी। एक तरफ मौजूदा चैंपियन फैबियानो कारुआना होंगे और दूसरी तरफ करोड़ों भारतीय फैंस की उम्मीदें।
क्या प्रज्ञाननंदा अपने शानदार प्रदर्शन को फाइनल में भी जारी रख पाएंगे? क्या भारतीय ग्रैंडमास्टर मौजूदा चैंपियन कारुआना को हराकर ग्रैंड शतरंज टूर का खिताब अपने नाम कर पाएंगे? इन सवालों का जवाब फाइनल के बोर्ड पर मिलेगा। लेकिन इतना तय है कि प्रज्ञाननंदा ने सेमीफाइनल में जिस अंदाज में अपना दबदबा बनाया है, उसके बाद अब पूरी दुनिया की नजरें इस भारतीय शतरंज स्टार पर टिक गई हैं।


