लखनऊ में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ एक बार फिर बड़ा बुलडोजर एक्शन देखने को मिला है। इस बार कार्रवाई सीधे उन चैंबरों पर हुई है, जिन्हें कोर्ट परिसर के आसपास अतिक्रमण कर बनाए जाने की बात सामने आई है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश के बाद लखनऊ नगर निगम की टीम बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि 200 से ज्यादा चैंबर कार्रवाई के लिए चिन्हित किए गए हैं। जैसे ही नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची, वहां मौजूद लोगों के बीच हलचल बढ़ गई और देखते ही देखते कई चैंबरों को हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई।
मामला लखनऊ के कोर्ट परिसर के आसपास का है, जहां लंबे समय से वकीलों के चैंबरों को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि इनमें से कई चैंबर अतिक्रमण कर बनाए गए थे। इस मामले को लेकर अदालत में भी मामला पहुंचा और सुनवाई के बाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच की ओर से कार्रवाई के निर्देश दिए गए। आदेश के बाद नगर निगम ने चिन्हित किए गए चैंबरों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
कार्रवाई के दौरान सिर्फ नगर निगम की टीम ही मौके पर नहीं थी, बल्कि बिजली विभाग की टीम भी मौजूद रही। बुलडोजर चलाने से पहले संबंधित चैंबरों की बिजली आपूर्ति काटी गई। इसके बाद नगर निगम की टीम ने मशीनों की मदद से अवैध बताए जा रहे निर्माणों को हटाना शुरू किया। प्रशासन की ओर से की जा रही इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी इंतजाम किए गए।
बताया जा रहा है कि 200 से ज्यादा चैंबरों को कार्रवाई के लिए चिन्हित किया गया है। ऐसे में यह कार्रवाई काफी बड़े स्तर पर मानी जा रही है। कोर्ट परिसर के आसपास बड़ी संख्या में वकीलों के चैंबर मौजूद हैं और इन निर्माणों को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब नगर निगम ने इन्हें हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर बहस तेज हो गई है। नगर निगम का कहना है कि अदालत के आदेश और तय प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है। वहीं, जिन लोगों के चैंबर इस कार्रवाई की जद में आ रहे हैं, उनके लिए यह बड़ा झटका है। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद लोगों में भी इसे लेकर चर्चा होती रही।
लखनऊ में बुलडोजर कार्रवाई का यह मामला इसलिए भी खास है क्योंकि इस बार कार्रवाई आम दुकानों या सड़क किनारे बने अतिक्रमण तक सीमित नहीं है, बल्कि कोर्ट परिसर से जुड़े वकीलों के चैंबर भी इसकी जद में आए हैं। हाई कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम का यह एक्शन प्रशासन की ओर से अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख का संकेत माना जा रहा है।
फिलहाल नगर निगम की टीम चिन्हित किए गए चैंबरों को हटाने की कार्रवाई में जुटी है। अब देखना होगा कि 200 से ज्यादा चिन्हित चैंबरों में से कितने निर्माणों पर कार्रवाई होती है और इस पूरे मामले को लेकर वकीलों की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई इस कार्रवाई ने लखनऊ में एक बार फिर बुलडोजर एक्शन को चर्चा में ला दिया है।


