करीब चार महीने के लंबे ब्रेक के बाद कार्लोस अल्काराज एक बार फिर ग्रैंड स्लैम कोर्ट पर लौटने जा रहे हैं। अमेरिकी ओपन में उनकी वापसी पर पूरी टेनिस दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। दाहिनी कलाई की चोट के कारण लंबे समय तक प्रतिस्पर्धी टेनिस से दूर रहने के बाद अल्काराज अब न्यूयॉर्क के हार्ड कोर्ट पर अपना अभियान शुरू करेंगे। उनके सामने पहले दौर में रूस के रोमन सफीउल्लिन की चुनौती होगी। ऐसे में यह मुकाबला सिर्फ टूर्नामेंट के पहले दौर की शुरुआत नहीं, बल्कि चोट के बाद अल्काराज की फिटनेस, मैच लय और आत्मविश्वास की पहली बड़ी परीक्षा भी माना जा रहा है।
अप्रैल के मध्य में दाहिनी कलाई में चोट लगने के बाद अल्काराज को लंबे समय तक कोर्ट से बाहर रहना पड़ा। इस दौरान पुरुष टेनिस में कई बड़े बदलाव देखने को मिले। कई खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और अल्काराज की गैरमौजूदगी में ग्रैंड स्लैम की तस्वीर भी बदलती दिखाई दी। अब जब स्पेनिश स्टार वापस लौटे हैं, तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने पुराने आक्रामक अंदाज और शारीरिक क्षमता को दोबारा हासिल करने की होगी।
अल्काराज की वापसी को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि अमेरिकी ओपन उनके करियर के सबसे महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों में से एक रहा है। 2022 में इसी टूर्नामेंट में उन्होंने अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीता था। उसी दौरान वह पहली बार दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी भी बने थे। इसके बाद उन्होंने न्यूयॉर्क में एक और खिताब अपने नाम किया और अब एक बार फिर वह अमेरिकी ओपन की ट्रॉफी पर कब्जा जमाने के इरादे से उतर रहे हैं।
लेकिन इस बार शुरुआती मुकाबला बिल्कुल आसान नहीं होगा। रोमन सफीउल्लिन ऐसे खिलाड़ी हैं जो किसी भी बड़े खिलाड़ी के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं। तीन साल पहले वह अल्काराज को सीधे सेटों में हराकर बड़ा उलटफेर कर चुके हैं। सफीउल्लिन ने हाल के समय में भी अच्छा प्रदर्शन किया है और इसलिए अल्काराज को पहले ही मुकाबले से पूरी ताकत लगानी होगी। लंबे ब्रेक के बाद किसी खिलाड़ी के लिए सीधे ग्रैंड स्लैम मुकाबले में अपनी लय हासिल करना आसान नहीं होता।
अल्काराज के लिए सबसे बड़ा सवाल उनकी कलाई को लेकर है। अभ्यास के दौरान उन्होंने अपनी टीम के साथ लगातार इस बात पर काम किया कि चोट वाली कलाई मैच के दबाव को झेलने के लिए पूरी तरह तैयार है या नहीं। खुद अल्काराज भी मान चुके हैं कि चोट के बाद शरीर से ज्यादा कभी-कभी दिमाग में डर बना रहता है। ऐसे में उन्हें अपने मेडिकल और कोचिंग स्टाफ पर भरोसा रखते हुए बिना किसी झिझक के अपना स्वाभाविक खेल दिखाना होगा।
अमेरिकी ओपन के ड्रॉ में अल्काराज के हिस्से में नोवाक जोकोविच भी हैं। अगर दोनों अपने-अपने मुकाबले जीतते हुए आगे बढ़ते हैं तो टूर्नामेंट के अगले दौर में दोनों की भिड़ंत संभव है। ऐसे में अल्काराज के लिए सफीउल्लिन के खिलाफ शुरुआती मुकाबला और भी महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि उन्हें सिर्फ एक मैच जीतना ही नहीं बल्कि लगातार बड़े मुकाबलों के लिए खुद को तैयार करना होगा।
इस बार अल्काराज पर उम्मीदों का दबाव भी ज्यादा है। वह टूर्नामेंट के सबसे बड़े चेहरों में शामिल हैं और पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। लेकिन चार महीने के ब्रेक के बाद पुराने स्तर पर तुरंत लौटना आसान नहीं होगा। लंबी रैलियों, पांच सेटों के मुकाबलों और लगातार दबाव के बीच उनकी कलाई और फिटनेस की असली परीक्षा होगी।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि रोमन सफीउल्लिन के खिलाफ अल्काराज किस अंदाज में शुरुआत करते हैं। क्या वह पहले ही मुकाबले में अपनी पुरानी आक्रामकता दिखा पाएंगे? क्या उनकी कलाई पूरी तरह साथ देगी? और क्या चार महीने का ब्रेक उनकी मैच लय पर असर डालेगा? इन सवालों के जवाब कोर्ट पर ही मिलेंगे। फिलहाल इतना तय है कि अल्काराज के लिए अमेरिकी ओपन का यह सफर सिर्फ खिताब बचाने की कोशिश नहीं, बल्कि चोट के बाद दुनिया को यह साबित करने का मौका भी है कि ‘कार्लिटोस’ एक बार फिर अपने सबसे खतरनाक अंदाज में लौट चुके हैं।


