आयरलैंड के किल्डारे में खेले जा रहे आयरिश ओपन गोल्फ टूर्नामेंट में भारतीय गोल्फर प्रणवी उर्स ने तीसरे दौर में दो अंडर 70 का स्कोर दर्ज किया। हालांकि इस स्कोर के बावजूद वह संयुक्त 15वें स्थान पर खिसक गईं, लेकिन तीन दौर के बाद उनका कुल स्कोर सात अंडर है और अभी एक दौर का खेल बाकी है। ऐसे में भारतीय गोल्फ प्रशंसकों की नजरें अब टूर्नामेंट के अंतिम दौर पर टिकी हैं, जहां प्रणवी अपने प्रदर्शन को और बेहतर करते हुए ऊंची पोजीशन हासिल करने की कोशिश करेंगी।
मैसूर की रहने वाली प्रणवी ने टूर्नामेंट के तीनों दौर में पार से कम का स्कोर बनाया है। तीसरे दौर में उन्होंने 70 का कार्ड खेला और दो अंडर पार स्कोर हासिल किया। शुरुआत में उनका प्रदर्शन काफी शानदार रहा। उन्होंने दूसरे और तीसरे होल पर लगातार बर्डी लगाकर अपने दौर की अच्छी शुरुआत की। लगातार दो बर्डी ने उन्हें शुरुआती चरण में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया और ऐसा लगा कि वह लीडरबोर्ड पर तेजी से ऊपर बढ़ सकती हैं।
हालांकि इसके तुरंत बाद प्रणवी को थोड़ा झटका लगा। अगले दो होल में उन्होंने दोनों शॉट गंवा दिए और शुरुआती बढ़त का कुछ हिस्सा वापस चला गया। इसके बावजूद उन्होंने अपना धैर्य नहीं खोया और आगे के होल में शानदार वापसी की। सातवें होल पर उन्होंने एक और बर्डी हासिल की, जबकि 10वें होल पर भी बर्डी लगाकर अपने स्कोर को फिर से मजबूत किया।
दौर के आखिरी हिस्से में प्रणवी ने बेहद संयमित खेल दिखाया। आखिरी आठ होल में उन्होंने लगातार पार स्कोर किया और बिना कोई अतिरिक्त शॉट गंवाए अपना तीसरा दौर 70 के स्कोर पर समाप्त किया। उनका यही संतुलित प्रदर्शन उन्हें तीन दौर के बाद सात अंडर के कुल स्कोर तक ले गया। हालांकि अन्य खिलाड़ियों के प्रदर्शन के कारण वह संयुक्त 15वें स्थान पर पहुंच गईं, लेकिन अभी टूर्नामेंट का अंतिम दौर बाकी है और लीडरबोर्ड में बदलाव की पूरी संभावना बनी हुई है।
इस टूर्नामेंट में भारत की ओर से चार महिला गोल्फरों ने हिस्सा लिया था, लेकिन कट हासिल करने में केवल प्रणवी उर्स ही सफल रहीं। ऐसे में वह अब आयरिश ओपन में भारत की एकमात्र चुनौती बची हैं। उनके प्रदर्शन पर भारतीय गोल्फ प्रशंसकों की खास नजर है, क्योंकि तीन दौर के बाद सात अंडर का स्कोर उन्हें शीर्ष खिलाड़ियों की दौड़ में बनाए हुए है।
प्रणवी के लिए अंतिम दौर बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। अगर वह शुरुआत में कुछ बर्डी हासिल करती हैं और अपने स्कोर को लगातार बेहतर बनाए रखती हैं, तो लीडरबोर्ड पर कई स्थान ऊपर जाने का मौका मिल सकता है। गोल्फ में अंतिम दौर के दौरान कुछ अच्छे होल पूरे टूर्नामेंट की तस्वीर बदल सकते हैं और प्रणवी के पास भी ऐसा करने का मौका मौजूद है।
अब देखना होगा कि आयरिश ओपन के चौथे और अंतिम दौर में प्रणवी उर्स कितना आक्रामक खेल दिखाती हैं। क्या वह संयुक्त 15वें स्थान से छलांग लगाकर शीर्ष 10 में जगह बना पाएंगी? या फिर सात अंडर के स्कोर के साथ अपनी मौजूदा स्थिति को बरकरार रखेंगी? फिलहाल भारतीय गोल्फ के लिए अच्छी खबर यही है कि कट पार करने वाली चार खिलाड़ियों में से अकेली प्रणवी उर्स आखिरी दौर तक खिताब की दौड़ में बनी हुई हैं।


