ChatGPT इस्तेमाल करने वाले फ्री यूजर्स के लिए एक बड़ा बदलाव सामने आया है। अब AI से सवाल पूछने के दौरान या जवाब मिलने के बाद यूजर्स को Sponsored Ads यानी प्रायोजित विज्ञापन दिखाई दे सकते हैं। ChatGPT का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है और लोग पढ़ाई, ऑफिस के काम, कंटेंट बनाने से लेकर रोजमर्रा की जानकारी हासिल करने तक के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में प्लेटफॉर्म पर विज्ञापनों की एंट्री यूजर्स के अनुभव में बड़ा बदलाव मानी जा रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ChatGPT में Ads दिखाई कैसे देंगे। विज्ञापन ChatGPT के सामान्य जवाब के बीच में शामिल नहीं होंगे, बल्कि जवाब के नीचे अलग हिस्से में दिखाई दे सकते हैं। इन्हें Sponsored यानी प्रायोजित विज्ञापन के तौर पर स्पष्ट रूप से दिखाया जाएगा, ताकि यूजर यह समझ सके कि कौन सा हिस्सा AI का जवाब है और कौन सा हिस्सा किसी कंपनी का विज्ञापन।
विज्ञापन यूजर की बातचीत के संदर्भ से जुड़े हुए भी हो सकते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर कोई व्यक्ति किसी प्रोडक्ट, यात्रा, खरीदारी या किसी दूसरी सेवा के बारे में जानकारी हासिल कर रहा है, तो उसी विषय से संबंधित विज्ञापन दिखाई दे सकता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि विज्ञापनदाता आपकी पूरी बातचीत पढ़ सकते हैं या आपके ChatGPT अकाउंट तक पहुंच हासिल कर सकते हैं।
Privacy को लेकर भी यूजर्स के मन में कई सवाल हैं। सबसे अहम बात यह है कि विज्ञापनदाता आपकी निजी चैट, चैट हिस्ट्री या आपकी व्यक्तिगत जानकारी को सीधे एक्सेस नहीं कर सकते। विज्ञापन दिखाने की प्रक्रिया ChatGPT के जवाब से अलग रखी जाती है। इसका उद्देश्य यह है कि विज्ञापन देने वाली कंपनियां यूजर की निजी बातचीत तक पहुंच बनाए बिना अपने विज्ञापन संभावित ग्राहकों तक पहुंचा सकें।
एक और महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या पैसे देकर विज्ञापन देने वाली कंपनियां ChatGPT के जवाबों को प्रभावित कर सकती हैं। यहां भी यूजर्स के लिए राहत की बात है। विज्ञापनदाता यह तय नहीं कर सकते कि ChatGPT उनके प्रोडक्ट के बारे में क्या जवाब देगा। यानी किसी कंपनी का विज्ञापन दिखने का मतलब यह नहीं है कि ChatGPT उस कंपनी के पक्ष में जवाब देगा।
फ्री यूजर्स के लिए Ads की शुरुआत के पीछे एक बड़ा कारण ChatGPT को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना भी है। AI सेवाओं को चलाने में बड़े स्तर पर कंप्यूटिंग और अन्य संसाधनों की जरूरत होती है। ऐसे में विज्ञापन एक ऐसा मॉडल हो सकता है, जिससे फ्री यूजर्स को सेवा उपलब्ध कराने की लागत का कुछ हिस्सा पूरा किया जा सके।
हालांकि हर यूजर विज्ञापन देखना पसंद करे, ऐसा जरूरी नहीं है। इसलिए विज्ञापन से जुड़ी सेटिंग्स में यूजर्स को कुछ नियंत्रण भी दिए जा सकते हैं। उपलब्ध विकल्पों के आधार पर यूजर विज्ञापनों के निजीकरण से जुड़ी सेटिंग बदल सकता है या किसी ऐसे विज्ञापन को Hide या Report कर सकता है जो उसे अनुचित या परेशान करने वाला लगे।
यहां यह समझना भी जरूरी है कि विज्ञापन दिखाई देना और आपकी चैट का इस्तेमाल विज्ञापनदाता द्वारा किया जाना दो अलग-अलग चीजें हैं। ChatGPT पर बातचीत करते समय यूजर को यह ध्यान रखना चाहिए कि वह अपनी बेहद संवेदनशील निजी जानकारी किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर साझा करने से बचे। डिजिटल प्राइवेसी के मामले में सावधानी हमेशा जरूरी है।
Free प्लान के अलावा ChatGPT के दूसरे पेड प्लान इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए स्थिति अलग हो सकती है। विज्ञापन किस प्लान में दिखाई देंगे और कौन से यूजर्स विज्ञापन-मुक्त अनुभव इस्तेमाल कर पाएंगे, यह उनके प्लान और उपलब्ध सेटिंग्स पर निर्भर करेगा।
कुल मिलाकर ChatGPT में Ads की एंट्री AI की दुनिया में एक बड़ा बदलाव है। अब तक जहां यूजर्स को AI का जवाब एक साफ-सुथरे इंटरफेस में मिलता था, वहीं अब जवाब के नीचे Sponsored Ads भी नजर आ सकते हैं। हालांकि विज्ञापन और AI के जवाब को अलग रखने की कोशिश की जा रही है और विज्ञापनदाताओं को निजी चैट तक सीधी पहुंच नहीं दी जाती। ऐसे में आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यूजर्स इस नए विज्ञापन मॉडल को किस तरह स्वीकार करते हैं और ChatGPT का फ्री अनुभव कितना बदलता है।


