कानपुर में 63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत विनोचा की हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। परिवार के बीच चल रहे विवाद और कारोबारी की हत्या के बाद पुलिस के सामने कई सवाल खड़े हो गए थे। सबसे बड़ा सवाल यह था कि आखिर घर में काम करने वाले कर्मचारी ने अपने साथी के साथ मिलकर इस वारदात को क्यों अंजाम दिया और क्या इस हत्या के पीछे कोई बड़ी साजिश थी।
पुलिस ने दावा किया है कि हत्या की गुत्थी महज 12 घंटे के भीतर सुलझा ली गई। पुलिस के मुताबिक, कारोबारी के यहां काम करने वाले विशाल गौतम ने अपने साथी राज किशोर के साथ मिलकर विनीत विनोचा की हत्या की थी। वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे और पुलिस उनकी तलाश में जुट गई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने कई अहम सुराग जुटाए। इसके बाद रविवार देर शाम पुलिस ने दोनों संदिग्धों को घेर लिया। पुलिस के अनुसार, खुद को घिरा देखकर आरोपियों ने भागने की कोशिश की और इस दौरान पुलिस के साथ मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
लेकिन इस हत्याकांड में असली पेंच आरोपियों के बयान के बाद सामने आया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी विशाल ने कारोबारी की बहू पर गंभीर आरोप लगाया है। आरोपी ने दावा किया कि हत्या के लिए उसे सुपारी दी गई थी और इस पूरी साजिश के पीछे कारोबारी की बहू का हाथ था। हालांकि, पुलिस ने अभी इन आरोपों को सच नहीं माना है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि वारदात के समय परिवार से जुड़े लोगों की मौजूदगी और उनकी गतिविधियां भी जांच के दायरे में हैं। बहू की ओर से भी अपने दावे और घटनाक्रम को लेकर पुलिस के सामने जानकारी दी गई है। यही वजह है कि पुलिस अब आरोपी के बयान और परिवार के सदस्यों के बयानों का मिलान कर रही है।
पुलिस जांच में सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल भी अहम भूमिका निभा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ आरोपी के बयान के आधार पर किसी को दोषी नहीं माना जा सकता। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात से पहले आरोपियों की किस-किस से बातचीत हुई, उनकी लोकेशन क्या थी और हत्या के पीछे वास्तव में मकसद क्या था।
अब तक की जांच में पुलिस ने घरेलू कर्मचारी विशाल और उसके साथी राज किशोर को हत्या का आरोपी बताया है। दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार, वारदात की पूरी योजना और आरोपियों के संपर्क में रहे लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
इस हत्याकांड में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कारोबारी की हत्या सिर्फ घरेलू कर्मचारी और उसके साथी ने किसी निजी वजह से की या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी। आरोपी द्वारा बहू पर लगाया गया सुपारी देने का आरोप अगर सही निकलता है तो यह मामला और भी गंभीर हो सकता है। लेकिन फिलहाल पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल तथा दूसरे साक्ष्यों के आधार पर सच तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।
एक तरफ पुलिस 12 घंटे में आरोपियों तक पहुंचने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ आरोपी के बयान ने पूरे केस को नया मोड़ दे दिया है। अब देखना होगा कि जांच में सामने आने वाले सबूत आरोपी के दावे की पुष्टि करते हैं या फिर यह सिर्फ खुद को बचाने के लिए लगाया गया आरोप साबित होता है। फिलहाल विनीत विनोचा हत्याकांड में पुलिस की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े कई और खुलासे होने की उम्मीद है।


