मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अयोध्या में नव-नियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियुक्ति-पत्र वितरित किए। पोषण माह की पूर्व संध्या पर आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम योगी ने आंगनवाड़ी महिलाओं के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। सरकार की ओर से मानदेय में बढ़ोतरी के साथ-साथ स्वास्थ्य सुरक्षा, साड़ी और तकनीकी सुविधाओं से जुड़े कदमों का ऐलान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘वृंदावन बिहारी लाल की जय’ के उद्घोष के साथ की। इसके बाद उन्होंने नव-नियुक्त आंगनवाड़ी वर्कर्स और सहायिकाओं को नियुक्ति-पत्र वितरित किए। इस दौरान बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आंगनवाड़ी केंद्रों को और बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं तक पोषण से जुड़ी सुविधाएं प्रभावी तरीके से पहुंच सकें।
सीएम योगी ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए उनकी सुविधाओं और सुरक्षा को मजबूत करने का काम कर रही है। मानदेय में वृद्धि से प्रदेश की बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य आंगनवाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ इसमें काम करने वाली महिलाओं को बेहतर सहयोग उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए चार प्रमुख योजनाओं का भी ऐलान किया। इनमें सबसे अहम स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी योजना है। इसके तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को पांच लाख रुपये तक का हेल्थ कवर उपलब्ध कराने की बात कही गई है। इससे स्वास्थ्य संबंधी जरूरत के समय उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी। सरकार की इस घोषणा को आंगनवाड़ी कर्मियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
इसके अलावा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को उपलब्ध कराई जाने वाली साड़ियों की संख्या बढ़ाने की भी घोषणा की गई। लंबे समय से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बच्चों और महिलाओं से जुड़ी योजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में उनकी कार्य परिस्थितियों को बेहतर बनाने के लिए सरकार की ओर से सुविधाओं में विस्तार किया जा रहा है।
सरकार ने आंगनवाड़ी केंद्रों को तकनीक से जोड़ने पर भी जोर दिया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, रियल टाइम डेटा उपलब्ध कराने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा और आंगनवाड़ी केंद्रों को स्मार्टफोन की सुविधा से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों से जुड़ी गतिविधियों और योजनाओं की जानकारी को तेजी से उपलब्ध कराना है। स्मार्टफोन की सुविधा से डेटा अपडेट करने और सरकारी योजनाओं की निगरानी में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
सीएम योगी ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सिर्फ बच्चों की देखभाल या पोषण संबंधी सेवाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे सरकार की कई जनकल्याणकारी योजनाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। गांव और मोहल्ले के स्तर पर उनकी सीधी पहुंच होने के कारण वे जरूरतमंद परिवारों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं।
अयोध्या में हुए इस कार्यक्रम में सरकार की घोषणाओं के जरिए आंगनवाड़ी व्यवस्था को आर्थिक, स्वास्थ्य और तकनीकी रूप से मजबूत करने का संदेश दिया गया। मानदेय में बढ़ोतरी, पांच लाख रुपये का हेल्थ कवर, साड़ियों की संख्या में वृद्धि और स्मार्टफोन जैसी सुविधाओं से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सीधे लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई है। अब इन घोषणाओं के लागू होने के बाद प्रदेश की आंगनवाड़ी व्यवस्था में कितना बदलाव आता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।


