जापान के नागोया में आयोजित एशियाई खेल 2026 में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बधाई दी है। राष्ट्रपति ने मिक्स मार्शल आर्ट्स में कांस्य पदक जीतकर भारत के लिए इतिहास रचने वाली सुचिका तारियाल के प्रदर्शन की सराहना की। इसके साथ ही निशानेबाजी में रजत पदक जीतने वाले हिमांशु ढिल्लों और कांस्य पदक हासिल करने वाले रुद्रांक्ष बालासाहेब पाटिल को भी राष्ट्रपति ने शुभकामनाएं दीं।
सुचिका तारियाल की उपलब्धि इसलिए खास बताई जा रही है क्योंकि एशियाई खेलों में मिक्स मार्शल आर्ट्स को पहली बार शामिल किया गया है। इस नई स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर सुचिका ने एशियाई खेलों में भारत का पदक खाता खोलने में योगदान दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुचिका की इस उपलब्धि को विशेष बताते हुए उनके प्रदर्शन की सराहना की।
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में सुचिका को बधाई देते हुए उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मिक्स मार्शल आर्ट्स के एशियाई खेलों में पहली बार शामिल होने के कारण इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों का नाम प्रतियोगिता के इतिहास के शुरुआती अध्याय से जुड़ गया है। सुचिका का कांस्य पदक इसी वजह से भारतीय खेल जगत के लिए चर्चा में है।
वहीं निशानेबाजी में भारत को दो पदक मिले हैं। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में हिमांशु ढिल्लों ने रजत पदक हासिल किया। राष्ट्रपति मुर्मू ने हिमांशु को उनके प्रदर्शन के लिए बधाई दी और उनकी मेहनत तथा एकाग्रता की सराहना की।
इसी स्पर्धा में रुद्रांक्ष बालासाहेब पाटिल ने कांस्य पदक अपने नाम किया। राष्ट्रपति ने रुद्रांक्ष को भी उनकी उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं। दोनों भारतीय निशानेबाजों के पदक जीतने से एशियाई खेलों में भारत के निशानेबाजी अभियान को भी मजबूती मिली है।
10 मीटर एयर राइफल जैसी निशानेबाजी स्पर्धाओं में खिलाड़ियों के प्रदर्शन का फैसला बेहद छोटे अंतर से हो सकता है। ऐसे में व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत और कांस्य पदक हासिल करना भारतीय दल के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हिमांशु और रुद्रांक्ष के प्रदर्शन के बाद भारतीय निशानेबाजी दल से आगे भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीदें बढ़ी हैं।
एशियाई खेलों में निशानेबाजी लंबे समय से भारत के लिए पदक दिलाने वाली प्रमुख स्पर्धाओं में शामिल रही है। इस बार भी भारतीय निशानेबाजों ने शुरुआती मुकाबलों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। वहीं मिक्स मार्शल आर्ट्स जैसी नई स्पर्धा में सुचिका तारियाल के पदक ने भारतीय खेलों के लिए एक नया अध्याय जोड़ा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तीनों खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के लिए शुभकामनाएं दीं और उनके आगे भी देश का नाम रोशन करने की उम्मीद जताई। खिलाड़ियों की इन उपलब्धियों के बीच भारतीय दल की नजर अब एशियाई खेलों में होने वाली अन्य स्पर्धाओं पर है।
नागोया और आसपास के शहरों में आयोजित एशियाई खेल 2026 में भारत के खिलाड़ी अलग-अलग खेलों में पदक के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। प्रतियोगिता के आगे बढ़ने के साथ भारतीय दल के पदकों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है। फिलहाल सुचिका तारियाल का ऐतिहासिक कांस्य और निशानेबाजी में हिमांशु ढिल्लों तथा रुद्रांक्ष बालासाहेब पाटिल के पदक भारतीय खेल अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गए हैं।


