जापान में दो सप्ताह से अधिक समय तक चले आइची-नागोया एशियाई खेलों का रविवार को भव्य समापन समारोह के साथ आधिकारिक तौर पर अंत हो गया। 19 सितंबर से शुरू हुए इन खेलों में एशिया के अलग-अलग देशों के खिलाड़ियों ने कई खेलों में शानदार प्रदर्शन किया और दर्शकों को रोमांचक मुकाबले देखने को मिले।
समापन समारोह के दौरान एशियाई ओलंपिक परिषद के अध्यक्ष शेख जुआन बिन हमद अल थानी ने आधिकारिक रूप से आइची-नागोया एशियाई खेलों के समापन की घोषणा की। समारोह में हजारों खिलाड़ी, अधिकारी और दर्शक मौजूद रहे। इस दौरान पूरे आयोजन की यादों को समेटते हुए रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।
इस बार समापन समारोह की थीम ‘वन एशिया’ रखी गई थी। समारोह में एशियाई देशों के बीच खेल भावना, एकता और आपसी सहयोग का संदेश दिया गया। प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन के बाद अब एशियाई खेलों की मशाल अगले मेजबान देश की ओर बढ़ गई है।
समापन समारोह के दौरान आइची-नागोया एशियाई खेलों की मशाल कतर के प्रतिनिधियों को सौंप दी गई। इसका मतलब है कि वर्ष 2030 में होने वाले अगले एशियाई खेलों की मेजबानी अब दोहा करेगा। जापान के बाद एशिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक की मेजबानी की जिम्मेदारी कतर के पास होगी।
भारतीय दल के लिए भी आइची-नागोया एशियाई खेल यादगार रहे। भारत ने कुल 85 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। भारतीय खिलाड़ियों ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक अपने नाम किए।
भारत के 85 पदकों में 21 स्वर्ण पदक शामिल हैं, जो अलग-अलग खेलों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को दर्शाते हैं। इसके अलावा भारतीय दल ने 27 रजत और 37 कांस्य पदक भी जीते। इस तरह भारत ने कुल 85 पदकों के साथ प्रतियोगिता का अपना अभियान समाप्त किया।
समापन समारोह में भारत की ओर से निशानेबाज नीरू धांडा ने भारतीय दल की ध्वजवाहक की भूमिका निभाई। नीरू धांडा ने इन खेलों में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर भारत के पदक अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। समापन समारोह में भारतीय दल का नेतृत्व करना उनके लिए भी एक खास सम्मान रहा।
पदक तालिका की बात करें तो भारत चौथे स्थान पर रहा। भारत से आगे चीन, जापान और कोरिया रहे। इन देशों के खिलाड़ियों ने भी अलग-अलग खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ी संख्या में पदक हासिल किए।
आइची-नागोया एशियाई खेलों में कई मुकाबले बेहद रोमांचक रहे और भारतीय खिलाड़ियों ने भी कई खेलों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। पदकों की संख्या के साथ-साथ खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने भारतीय खेल प्रशंसकों का ध्यान आकर्षित किया।
अब इन खेलों का समापन हो चुका है और खेलों की मशाल वर्ष 2030 में होने वाले अगले एशियाई खेलों के मेजबान दोहा की ओर बढ़ गई है। आने वाले वर्षों में खिलाड़ियों के पास अगली बड़ी प्रतियोगिता के लिए तैयारी करने का समय होगा।
आइची-नागोया एशियाई खेलों का समापन भारत के लिए 85 पदकों के साथ हुआ। 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहते हुए भारतीय दल ने प्रतियोगिता में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। अब खेल प्रेमियों की नजर अगले एशियाई खेलों और भारतीय खिलाड़ियों से होने वाली नई उम्मीदों पर रहेगी।


