उत्तर प्रदेश के भदोही जिले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया। भदोही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जिले की पहचान ‘संत रविदास नगर भदोही’ के नाम से होगी। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर जिले के विकास, कालीन उद्योग और प्रदेश में निवेश को लेकर भी कई बातें रखीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भदोही में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने जिले के नाम को लेकर यह घोषणा की।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब भदोही जिले को ‘संत रविदास नगर भदोही’ के नए नाम से जाना जाएगा। उन्होंने संत रविदास की परंपरा और उनके सामाजिक संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले को संत रविदास के नाम से जोड़ने का उद्देश्य उनकी विरासत और पहचान को आगे बढ़ाना है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में दंगे, कर्फ्यू, उपद्रव, माफियागिरी और अराजकता जैसी स्थितियां थीं। उन्होंने कहा कि उस दौर में कारोबारियों और कारीगरों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था और निवेश के लिए भी अनुकूल माहौल नहीं था।
मुख्यमंत्री ने खास तौर पर भदोही के कालीन उद्योग का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कालीन बनाने वाले कारीगरों के सामने बिजली, सड़क, सुरक्षा, तकनीक और बाजार जैसी कई चुनौतियां थीं। उनके मुताबिक, सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना के जरिए भदोही के कालीन उद्योग को तकनीक, डिजाइन और नए बाजारों से जोड़ने का काम किया है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भदोही की पहचान अब सिर्फ देश तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां के हाथ से बने कालीन अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने जिले के कारीगरों के हुनर और कालीन उद्योग को उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण पहचान से जोड़कर बताया।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में निवेश को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश को करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। उनके मुताबिक, इनमें से बड़ी संख्या में परियोजनाओं पर काम आगे बढ़ चुका है और आने वाले समय में प्रदेश में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को और गति मिलेगी।
भदोही के कालीन उद्योग को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कारीगरों को बेहतर तकनीक, डिजाइन, बाजार और सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाना और पारंपरिक कारीगरी को वैश्विक बाजार से जोड़ना है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था और औद्योगिक माहौल में बदलाव का भी दावा किया। उन्होंने 2017 से पहले और वर्तमान उत्तर प्रदेश की स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि अब प्रदेश में सुरक्षा, तकनीक, बाजार और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बदलाव आया है।
मुख्यमंत्री के इस ऐलान के बाद भदोही के नाम को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब जिले की पहचान ‘संत रविदास नगर भदोही’ के नाम से किए जाने की बात सामने आई है। साथ ही कालीन उद्योग और कारीगरों के विकास को लेकर सरकार की योजनाओं पर भी कार्यक्रम में जोर दिया गया।


