ब्लैक सी में कमर्शियल जहाजों पर हालिया हमलों के बाद भारत ने समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि प्रभावित जहाजों पर सवार भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। मंत्रालय ने साफ किया कि ऐसे हमले समुद्री व्यापार और जहाजों पर काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ब्लैक सी इलाके में पिछले 48 घंटों में सामने आई कई घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत उन सभी हमलों की निंदा करता है, जिनसे कमर्शियल शिपिंग को नुकसान पहुंचने और समुद्री समुदाय से जुड़े लोगों की जान खतरे में पड़ने का खतरा पैदा होता है।
जायसवाल ने बताया कि कमर्शियल जहाज MV Royad Mammadov पर हुए हमले के समय उसमें तीन भारतीय नागरिक सवार थे। हमले के बाद तीनों भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया। हालांकि, इनमें से एक भारतीय क्रू मेंबर घायल हुआ है और उसका इलाज चल रहा है। विदेश मंत्रालय लगातार संबंधित पक्षों के संपर्क में है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
ब्लैक सी में हुई इन घटनाओं के बीच बड़ी राहत की बात यह है कि प्रभावित जहाजों पर मौजूद भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचाया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अलग-अलग घटनाओं में कुल 23 भारतीय क्रू मेंबर्स प्रभावित जहाजों पर सवार थे और सभी सुरक्षित हैं। हालांकि, कुछ लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है और उनका इलाज कराया जा रहा है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि कमर्शियल जहाजों को संघर्ष का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। भारत का मानना है कि समुद्री रास्तों पर होने वाली ऐसी घटनाएं सिर्फ संबंधित जहाजों और उनके क्रू के लिए ही खतरा नहीं हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर भी असर डाल सकती हैं।
रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चल रहे संघर्ष के बीच ब्लैक सी रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र है। यहां से बड़ी मात्रा में अंतरराष्ट्रीय व्यापार होता है। ऐसे में इस इलाके में किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि या हमले से जहाजों की आवाजाही और समुद्री व्यापार प्रभावित होने की आशंका रहती है।
भारत ने एक बार फिर रूस-यूक्रेन संघर्ष को बातचीत और कूटनीति के जरिए हल करने की अपनी नीति दोहराई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि युद्ध और हिंसा का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए। भारत लगातार दोनों पक्षों के बीच संवाद और कूटनीतिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर देता रहा है।
हालिया हमलों के बाद भारतीय समुद्री समुदाय की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है। बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक दुनियाभर के कमर्शियल जहाजों पर काम करते हैं और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर अपनी सेवाएं देते हैं। ऐसे में किसी भी संघर्ष क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही उनके लिए जोखिम पैदा कर सकती है।
MEA ने यह भी संकेत दिया है कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। प्रभावित जहाजों पर मौजूद भारतीयों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर संबंधित देशों तथा जहाजों के संचालकों के साथ समन्वय किया जाएगा।
फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही है कि ब्लैक सी में हमलों की चपेट में आए जहाजों पर मौजूद भारतीय क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं। एक घायल भारतीय का इलाज जारी है। भारत ने इस पूरे घटनाक्रम के बीच कमर्शियल जहाजों पर हमले तुरंत रोकने और रूस-यूक्रेन संघर्ष का समाधान बातचीत के जरिए निकालने की अपील दोहराई है।


