टाटा समूह से जुड़ी एक बड़ी कारोबारी खबर सामने आई है। टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड ने अपनी विस्तार योजनाओं को लेकर बड़ा लक्ष्य तय किया है। कंपनी वित्त वर्ष 2027-28 तक करीब 28,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना पर आगे बढ़ रही है। इस निवेश के जरिए सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, रूफटॉप सोलर और बैटरी ऊर्जा भंडारण जैसे क्षेत्रों में अपनी क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी संजय बंगा ने साफ किया है कि टाटा समूह में नेतृत्व और प्रशासन से जुड़े मतभेदों का कंपनी की विस्तार योजनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
संजय बंगा के मुताबिक, टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी का संचालन उसके निदेशक मंडल द्वारा स्वतंत्र रूप से किया जाता है। उन्होंने कहा कि कंपनी एक सूचीबद्ध कंपनी का हिस्सा है और उसके फैसले निदेशक मंडल के स्तर पर लिए जाते हैं। ऐसे में प्रवर्तक स्तर पर जारी मतभेदों से कंपनी की कारोबारी गतिविधियों और निवेश योजनाओं के प्रभावित होने की आशंका नहीं है। कंपनी का फोकस अपनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार करने पर बना हुआ है।
कंपनी ने चालू वित्त वर्ष में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए करीब 13,000 करोड़ रुपये के निवेश का बजट तय किया है। वहीं, वित्त वर्ष 2027-28 में इस निवेश को बढ़ाकर लगभग 15,000 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है। इस तरह कंपनी अगले कुछ वर्षों में बड़े स्तर पर पूंजी निवेश करके अपने ऊर्जा कारोबार का विस्तार करना चाहती है। निवेश की यह योजना देश में स्वच्छ ऊर्जा की बढ़ती मांग और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी की विस्तार योजना में बड़े सौर ऊर्जा संयंत्रों और पवन ऊर्जा परियोजनाओं के साथ-साथ रूफटॉप सोलर और बैटरी ऊर्जा भंडारण भी शामिल हैं। रूफटॉप सोलर के तहत घरों, व्यावसायिक इमारतों और अन्य परिसरों की छतों पर सौर ऊर्जा प्रणाली लगाई जाती है। इससे बिजली उत्पादन के लिए स्वच्छ ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाने में मदद मिल सकती है। वहीं, बैटरी ऊर्जा भंडारण के जरिए उत्पादित बिजली को जरूरत के समय उपयोग करने के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है।
संजय बंगा ने बताया कि कंपनी का लक्ष्य मार्च 2027 तक बड़े और वाणिज्यिक सौर एवं पवन ऊर्जा संयंत्रों के माध्यम से तीन गीगावाट क्षमता जोड़ना है। इसके साथ ही कंपनी दो गीगावाट रूफटॉप सौर क्षमता स्थापित करने की दिशा में भी काम कर रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सितंबर तक बड़े और वाणिज्यिक सौर-पवन परियोजनाओं तथा रूफटॉप सोलर की दोनों श्रेणियों में लगभग 800-800 मेगावाट क्षमता स्थापित की जा चुकी थी। आने वाले समय में कंपनी इन परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ाने पर ध्यान देगी।
कंपनी की कुल स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता फिलहाल 7.2 गीगावाट बताई गई है। इसमें 5.5 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता शामिल है। इसके अलावा, कंपनी के पास करीब 200 मेगावाट-घंटा की बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता है। कंपनी की योजना अगले एक साल में इसे बढ़ाकर दो गीगावाट-घंटा करने की है। बैटरी भंडारण क्षमता में यह बढ़ोतरी ऊर्जा प्रबंधन और जरूरत के समय बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम हो सकती है।
राजस्व के मोर्चे पर भी कंपनी ने महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। संजय बंगा के अनुसार, टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी ने वित्त वर्ष 2026-27 में 17,000 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इससे पहले के वित्त वर्ष में कंपनी का राजस्व करीब 14,500 करोड़ रुपये रहा था। नए लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी को अपने मौजूदा कारोबार को बढ़ाने के साथ नई परियोजनाओं को भी समय पर आगे बढ़ाना होगा।
कुल मिलाकर, टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी की 28,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना कंपनी के विस्तार और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में उसकी महत्वाकांक्षाओं को दर्शाती है। सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं के साथ रूफटॉप सोलर तथा बैटरी भंडारण पर जोर देकर कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की तैयारी में है। अब देखना होगा कि आने वाले वित्त वर्षों में कंपनी अपने निवेश, क्षमता विस्तार और राजस्व से जुड़े लक्ष्यों को किस गति से हासिल कर पाती है।


