महाराष्ट्र के ठाणे जिले से बड़ी खबर सामने आई है। सामाजिक कार्यकर्ता हरीश गजवानी की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, वारदात के करीब 12 घंटे के भीतर आरोपियों को पकड़ लिया गया। शुरुआती जांच में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश की आशंका जताई जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों में अविनाश नायडू का नाम भी शामिल है। फिलहाल, पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और हत्या के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने में जुटी है।
दरअसल, यह मामला महाराष्ट्र के ठाणे जिले के उल्हासनगर का है। हरीश गजवानी सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर सक्रिय थे और इलाके में गुटखे की अवैध बिक्री तथा जुए जैसी गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाते थे। बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे उल्हासनगर रेलवे स्टेशन परिसर के पास अज्ञात हमलावरों ने उन पर गोली चला दी। हमले में उनके सिर में दो गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों को जुटाने के साथ ही आरोपियों की पहचान करने के प्रयास तेज कर दिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपियों की तलाश में लगाई गईं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। इन गिरफ्तारियों में अविनाश नायडू भी शामिल है। शुरुआती जांच में हरीश गजवानी और अविनाश नायडू के बीच पुरानी दुश्मनी की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस अभी इस बात की जांच कर रही है कि हत्या की साजिश किसने रची, वारदात में किन लोगों की क्या भूमिका थी और हमले के पीछे वास्तविक कारण क्या था।
विट्ठलवाड़ी पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि घटना से जुड़े अन्य तथ्य सामने आ सकें। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार की व्यवस्था कैसे की गई और वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी किस रास्ते से फरार हुए थे।
हरीश गजवानी की हत्या ने इलाके में कानून-व्यवस्था और अवैध गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, हत्या के पीछे गुटखे की अवैध बिक्री या जुए के खिलाफ उनकी सक्रियता का सीधा संबंध था या नहीं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही इस संबंध में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
फिलहाल, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश की जा रही है। हत्या के करीब 12 घंटे के भीतर तीन आरोपियों की गिरफ्तारी को जांच में महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है। अब यह देखना होगा कि पूछताछ के दौरान हत्या की साजिश और उसके पीछे के कारणों को लेकर क्या खुलासे सामने आते हैं।


