2026 के एशियाई खेलों में भारतीय कुश्ती टीम को लेकर रेसलिंग कोच वीरेंद्र दहिया ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने टीम की तैयारियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि इस बार भारतीय पहलवान पिछले संस्करण की तुलना में 100 प्रतिशत बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे। उनका मानना है कि खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और अच्छी तैयारी के दम पर भारत इस बार कांस्य पदकों से आगे बढ़कर स्वर्ण और रजत पदक जीत सकता है।
2026 के एशियाई खेल जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित किए जाएंगे। इन खेलों में भारत कई अलग-अलग खेलों में अपने मजबूत खिलाड़ियों को उतारने की तैयारी कर रहा है। देश की कोशिश 2023 में हांग्जो में हासिल किए गए अपने रिकॉर्ड प्रदर्शन को और बेहतर करने की है।
2023 के हांग्जो एशियाई खेलों में भारत ने कुल 107 पदक जीते थे। इनमें 28 स्वर्ण, 38 रजत और 41 कांस्य पदक शामिल थे। यह एशियाई खेलों के इतिहास में भारत का अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन रहा। अब भारतीय दल की नजर इस रिकॉर्ड को और आगे ले जाने पर है और कुश्ती भी इसमें अहम भूमिका निभा सकती है।
वीरेंद्र दहिया के मुताबिक भारतीय कुश्ती टीम अच्छी तरह से तैयारी कर रही है और खिलाड़ियों ने अपनी फिटनेस तथा तकनीक पर काफी काम किया है। कोच का मानना है कि अगर पहलवान अपनी तैयारियों के मुताबिक प्रदर्शन करने में सफल रहते हैं तो टीम पिछले संस्करण के मुकाबले बेहतर नतीजे हासिल कर सकती है।
पिछले एशियाई खेलों में भारतीय कुश्ती टीम के खाते में तीन कांस्य पदक आए थे। इस बार टीम का लक्ष्य केवल कांस्य पदक तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि स्वर्ण और रजत पदक के लिए भी चुनौती पेश करना है। वीरेंद्र दहिया ने इसी उम्मीद के साथ भारतीय पहलवानों के बेहतर प्रदर्शन का भरोसा जताया है।
हालांकि भारतीय टीम के सामने चुनौती आसान नहीं होगी। एशियाई स्तर पर जापान और चीन जैसी टीमें कुश्ती में काफी मजबूत मानी जाती हैं। इन देशों के पहलवानों के खिलाफ भारतीय खिलाड़ियों को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में तकनीक, फिटनेस और मुकाबले के दौरान मानसिक मजबूती भारतीय पहलवानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी।
भारतीय कुश्ती में पिछले कुछ वर्षों में कई युवा खिलाड़ियों ने अपनी पहचान बनाई है। ऐसे में एशियाई खेलों का मंच इन पहलवानों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मौका होगा। कोचिंग स्टाफ की कोशिश है कि खिलाड़ियों को प्रतियोगिता से पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार किया जाए।
वीरेंद्र दहिया का बयान ऐसे समय में आया है जब भारतीय खेल जगत की नजरें 2026 एशियाई खेलों पर टिकी हुई हैं। भारत इस बार कई खेलों में मजबूत चुनौती पेश करने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में कुश्ती से भी पदकों की उम्मीद काफी ज्यादा है।
भारतीय टीम अगर अपनी तैयारियों को मैदान पर सही तरीके से उतार पाती है तो पिछले संस्करण के तीन कांस्य पदकों से आगे निकलने का मौका उसके पास रहेगा। स्वर्ण और रजत पदक जीतने के लिए हालांकि खिलाड़ियों को जापान, चीन और एशिया की अन्य मजबूत टीमों के पहलवानों को हराना होगा।
फिलहाल वीरेंद्र दहिया को अपनी टीम पर पूरा भरोसा है। उनका 100 प्रतिशत बेहतर प्रदर्शन वाला दावा भारतीय कुश्ती प्रशंसकों की उम्मीदों को भी बढ़ा रहा है। अब असली परीक्षा एशियाई खेलों के दौरान होगी, जहां भारतीय पहलवान मैट पर उतरकर यह साबित करने की कोशिश करेंगे कि इस बार भारत कुश्ती में पिछली बार से बड़ा प्रदर्शन कर सकता है।


