बांग्लादेश के निवर्तमान हाई कमिश्नर रियाज़ हमीदुल्लाह ने नई दिल्ली में अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री से विदाई मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों, सहयोग और भविष्य की साझेदारी से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में भारत और बांग्लादेश के बीच लोगों के स्तर पर संपर्क और आपसी रिश्तों को मजबूत करने के महत्व पर भी जोर दिया गया।
रियाज़ हमीदुल्लाह का भारत में बांग्लादेश के हाई कमिश्नर के तौर पर कार्यकाल अब पूरा हो रहा है। इसी सिलसिले में उन्होंने विदेश मंत्रालय पहुंचकर विदेश सचिव विक्रम मिस्री से मुलाकात की। दोनों राजनयिकों के बीच हुई इस बैठक को भारत-बांग्लादेश संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बांग्लादेश हाई कमीशन की ओर से सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के मुताबिक, दोनों पक्षों ने भारत और बांग्लादेश के रिश्तों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। इसके साथ ही मौजूदा संस्थागत व्यवस्थाओं के तहत दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई।
बैठक में दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क को महत्वपूर्ण बताया गया। भारत और बांग्लादेश के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध रहे हैं। दोनों देशों के नागरिकों के बीच व्यापार, शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में संपर्क द्विपक्षीय रिश्तों का एक अहम हिस्सा है।
रियाज़ हमीदुल्लाह और विक्रम मिस्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए लोगों के स्तर पर संपर्क को मजबूत करना जरूरी है। दोनों पक्षों ने साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर मिलकर काम करने की आवश्यकता पर भी चर्चा की।
भारत की ओर से बांग्लादेश के साथ सकारात्मक, रचनात्मक और भविष्योन्मुखी साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई है। दोनों देशों के बीच संबंधों में कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां आपसी सहयोग को आगे बढ़ाया जा सकता है। इनमें व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, सुरक्षा, जल संसाधन और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
बांग्लादेश के हाई कमिश्नर ने भी दोनों देशों के बीच भविष्य में सहयोग को लेकर भरोसा जताया। उनका मानना है कि मौजूदा संस्थागत व्यवस्थाओं के जरिए आपसी संबंधों को आगे बढ़ाया जा सकता है और साझा हितों से जुड़े क्षेत्रों में सार्थक सहयोग किया जा सकता है।
विदाई मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों की बातचीत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा रहा। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों को लेकर क्षेत्रीय स्तर पर भी काफी ध्यान दिया जा रहा है।
भारत और बांग्लादेश पड़ोसी देश होने के साथ-साथ कई साझा हितों से जुड़े हुए हैं। दोनों देशों के बीच सीमा, व्यापार, परिवहन और क्षेत्रीय संपर्क जैसे मुद्दों पर लगातार बातचीत होती रही है। ऐसे में राजनयिक स्तर पर संवाद को जारी रखना दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है।
रियाज़ हमीदुल्लाह के कार्यकाल के समापन के मौके पर हुई यह बैठक दोनों देशों के बीच राजनयिक संवाद की निरंतरता को भी दर्शाती है। बैठक में किसी एक मुद्दे के बजाय द्विपक्षीय संबंधों के व्यापक पहलुओं और भविष्य के सहयोग पर चर्चा की गई।
दोनों पक्षों ने इस बात पर भरोसा जताया कि साझा प्रयासों के जरिए भारत और बांग्लादेश के बीच आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रों में प्रभावी और सार्थक सहयोग को आगे बढ़ाया जा सकता है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच विभिन्न स्तरों पर संपर्क और बातचीत जारी रहने की उम्मीद है।


